भुवनेश्वर, 23 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम से देशभर में पीएम स्वनिधि योजना के पात्र हितग्राहियों को ऋण राशि एवं क्रेडिट कार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसे लेकर शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने कहा कि इस योजना से स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान पीएम स्वनिधि स्कीम के सकारात्मक असर के बारे में बताया, जिसके तहत देश भर में स्ट्रीट वेंडर्स और लाभार्थियों को उनकी रोजी-रोटी मजबूत करने के लिए क्रेडिट कार्ड और लोन बांटे जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल के तहत जारी किए गए क्रेडिट कार्ड और लोन से स्ट्रीट वेंडर्स को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा, “पहले वेंडर्स को 10,000 रुपए का लोन मिलता था। अब, बिना किसी कोलैटरल की जरूरत के यह रकम बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है। क्रेडिट कार्ड की सुविधा से सुरक्षा, आसानी से एक्सेस और फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलती है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह स्कीम खासकर महिला वेंडर्स की जिंदगी बदल रही है। हमने ऐसी महिलाओं को देखा है जो कभी सिर्फ 100 रुपए के कैपिटल से छोटी दुकानें चलाती थीं। आज इस स्कीम की मदद से, उनके परिवार स्टेबल हैं, उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और उनकी आर्थिक हालत बेहतर हुई है। यह जमीनी लेवल पर असली बदलाव है।
मंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि स्कीम एक फाइनेंशियल प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राज्य भर के हजारों स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सम्मान, आत्मनिर्भरता और टिकाऊ रोजी-रोटी की ओर एक कदम है।
ओडिशा की एक स्ट्रीट वेंडर अनसूया प्रधान ने बताया है कि कैसे पीएम स्वनिधि स्कीम योजना ने उनकी जिंदगी में बदलाव लाया है, जिससे वह सम्मान के साथ अपने छोटे कारोबार को फिर से बना और बढ़ा पाई हैं।
प्रधान ने कहा कि पहले, कई स्ट्रीट वेंडर्स की तरह, उन्हें भी अपना बिजनेस चलाने में मुश्किल होती थी और बेसिक फाइनेंशियल मदद पाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “एक समय था जब मेरे पास छोटा-मोटा कच्चा माल खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते थे। बैंक हमारी मदद करने को तैयार नहीं थे, और बिजनेस चलाना एक दूर का सपना लगता था।”
हालांकि, इस योजना से आर्थिक मदद मिलने के बाद, उनकी हालत बदलने लगी। उन्हें शुरू में 10,000 रुपए का लोन मिला, जिससे उन्हें अपना छोटा सा काम फिर से शुरू करने में मदद मिली। समय पर पेमेंट और लगातार मदद से, उन्हें बाद में ज्यादा क्रेडिट मिल सका, जिससे वह अपना बिजनेस बढ़ा सकीं और एक अच्छी दुकान किराए पर ले सकीं।
उन्होंने कहा, “अब, बैंक खुद हमसे संपर्क करते हैं और पीएम स्वनिधि स्कीम के तहत मिलने वाली लोन सुविधाओं के बारे में बताते हैं। हमें नगर निगम अधिकारियों से भी मदद मिलती है। इससे हमें समाज में आत्मविश्वास और सम्मान मिला है।”
अनसूया ने प्रधानमंत्री और सरकार का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने एक ऐसी स्कीम शुरू की है, जो स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिरता ने उन्हें बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और अपने परिवार के रहने के हालात को बेहतर बनाने में मदद की है।
उन्होंने कहा, “पहले, मैं टेलरिंग करती थी, लेकिन मेरे पास सिलाई का सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। आज, मैं अपनी दुकान चलाती हूं और खाने-पीने की चीजों का भी कारोबार बढ़ा लिया है। इस स्कीम ने न सिर्फ मेरे बिजनेस को सपोर्ट किया है बल्कि मुझे एक नई पहचान भी दी है।”
उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जैसे हजारों वेंडर्स को बड़े सपने देखने, सम्मान के साथ काम करने और अपने परिवारों के लिए बेहतर भविष्य सुरक्षित करने में मदद की है।
स्ट्रीट वेंडर असीम बिस्वास ने कहा कि पहले, उनके जैसे स्ट्रीट वेंडर्स के पास फॉर्मल क्रेडिट तक बहुत कम पहुंच थी और वे अक्सर आर्थिक मदद के लिए गैर-सरकारी साधनों पर निर्भर रहते थे।
उन्होंने कहा, “मंजूरी और मदद को लेकर हमेशा अनिश्चितता रहती थी। हमें अपने बिजनेस में इन्वेस्ट करने और आगे बढ़ने में मुश्किल होती थी।”
उन्होंने कहा कि इस योजना और इससे जुड़ी क्रेडिट सुविधाओं के शुरू होने से उनकी स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने आगे कहा, “अब, प्रोसेस आसान हो गया है, और हमें सही गाइडेंस और मदद मिलती है। इससे हमें अपने बिजनेस में निवेश करने और साहस के साथ आगे बढ़ने में मदद मिली है।”
बिस्वास ने कहा कि यह स्कीम खास तौर पर गरीब और मिडिल इनकम वाले वेंडर्स के लिए फायदेमंद रही है, इससे उन्हें कैपिटल का एक भरोसेमंद सोर्स मिला है और बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हुई है। यह सपोर्ट हम जैसे लोगों के लिए एक आशीर्वाद रहा है जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम