बेंगलुरु, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर पद्मश्री डॉ. विजयलक्ष्मी देशमाने ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मैं अपनी बातों की शुरुआत एक बहुत ही सुंदर नारे के साथ करूंगी, 'मोदी हैं तो सब मुमकिन है।'
उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से अटका हुआ बिल था। जिसे प्रधानमंत्री मोदी और उनकी कैबिनेट ने संसद में इस बिल को लेकर एक बहुत ही साहसी निर्णय लिया है। अब देश की महिलाओं पर निर्भर करता है कि वे राजनीति में आने की जिम्मेदारी उठाएं, और इसे और अधिक प्रभावी बनाएं।
उन्होंने कहा कि मैं युवा और ऊर्जावान महिलाओं से आग्रह करती हूं कि वे राजनीति में आएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की जिम्मेदारी लें। इसी तरह हम अपने प्रधानमंत्री को जवाब दे सकते हैं, जो 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' में विश्वास रखते हैं। इसलिए मैं हमारी केंद्र सरकार को, और विशेष रूप से पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं।
विजयलक्ष्मी देशमाने ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत ही अद्भुत कार्य किए हैं, इसलिए अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम जिम्मेदारी उठाएं और राष्ट्र का नेतृत्व करें। यह हम सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है। मेरा मानना है कि हमें मिलकर काम करना होगा और 'राष्ट्र-प्रथम' के मुद्दे के साथ राष्ट्र का निर्माण करना होगा।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी देरी के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का समर्थन किया है। केंद्रीय कैबिनेट का यह फैसला और संसद में होने वाली पूरी चर्चा में हर राजनीतिक दल को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए।
अभिनेत्री प्रीति झंगियानी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आखिरकार महिला आरक्षण विधेयक पास होने वाला है। मुझे लगता है कि इसके लिए सभी ने 27 से अधिक सालों का लंबा इंतजार किया है, क्योंकि पहली बार साल 1996 में यह बिल लाया गया था। यह सिर्फ एक राजनीतिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक कदम भी है।
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