पीएम मोदी को कई मुस्लिम देशों से मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान, देशहित में लगातार कर रहे काम : नसीरुद्दीन चिश्ती

पीएम मोदी को कई मुस्लिम देशों से मिल चुका सर्वोच्च नागरिक सम्मान, देशहित में लगातार कर रहे काम: नसीरुद्दीन चिश्ती

अजमेर, 22 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8,931 दिनों का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा कर देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि पर अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने प्रधानमंत्री की सराहना किया। उन्‍होंने कहा कि वह ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें कई मुस्लिम देशों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए।

उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनका यह सफर लगातार जनसेवा, कड़ी मेहनत और मजबूत नेतृत्व का प्रतीक रहा है। देश को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री आगे भी इसी तरह सेवा करते रहेंगे और उनके नेतृत्व में भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता सोच-समझकर ही प्रधानमंत्री का चयन करती है और यह लंबा कार्यकाल परफॉर्मेंस आधारित राजनीति तथा जनता के भरोसे का बड़ा उदाहरण है। जनता ने विकास, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें लगातार समर्थन दिया है।

आईएएनएस से बातचीत में चिश्ती ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की साख में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डिजिटल इंडिया, यूपीआई और मजबूत अर्थव्यवस्था जैसे कदमों ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दी है। वहीं, अर्थव्‍यवस्‍था के मामले में भारत चौथे स्‍थान पर पहुंच चुका है। कई मुस्लिम देशों द्वारा प्रधानमंत्री को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को उन्होंने भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद पर सख्ती और राम मंदिर निर्माण जैसे फैसलों को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का जीवन पूरी तरह देश सेवा को समर्पित है और यही कारण है कि वे आज भी युवा नेताओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। अनुच्‍छेद 370 हटने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर का विकास हुआ है। कश्‍मीर आगे बढ़ रहा है और तरक्‍की कर रहा है। वहीं, नक्‍सलियों से सरकार सख्‍ती के साथ निपट रही है।

चिश्ती ने कहा कि लगातार तीसरी बार सरकार बनना इस बात का संकेत है कि देश में एंटी-इंकम्बेंसी की बजाय प्रो-इंकम्बेंसी का दौर मजबूत हो रहा है, जहां जनता प्रदर्शन और डिलीवरी के आधार पर नेतृत्व का चयन कर रही है।

--आईएएनएस

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