मुंबई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। आशीष चौहान के नेतृत्व वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का दबदबा धीरे-धीरे इक्विटी ऑप्शंस (प्रीमियम वैल्यू) मार्केट में कम हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, बीते तीन वित्त वर्षों में इस सेगमेंट में देश के सबसे एक्सचेंज मार्केट शेयर 22 प्रतिशत से अधिक कम हो गया है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से जारी की गई एनअुल रिपोर्ट्स और आरएचपी में दिए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में इक्विटी ऑप्शंस (प्रीमियम वैल्यू) सेगमेंट में उसका मार्केट शेयर 96.9 प्रतिशत था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 87.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 74.71 प्रतिशत रह गया है।
यह दिखाता है कि इस सेगमेंट में एनएसई का मार्केट शेयर बीते तीन वर्षों में 22.2 प्रतिशत कम हो है। हालांकि, अन्य सेगमेंट में एनएसई की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
एनएसई का मार्केट शेयर इक्विटी कैश सेगमेंट में वित्त वर्ष 2023-24 में 92.7 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2024-25 में 93.6 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 92.99 प्रतिशत था।
वहीं, इक्विटी फ्यूचर्स में एनएसई का मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2023-24 में 99.9 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2024-25 में 99.9 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 99.79 प्रतिशत था।
आईपीओ लाने जा रही एनएसई का परिचालन प्रदर्शन भी कमजोर बना हुआ है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दिए आंकड़ों के मुताबिक, देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की कुल परिचालन से आय वित्त वर्ष 2026 में 16,601.30 करोड़ रुपए थी। वहीं, वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 17,140.67 करोड़ रुपए पर था, जो कि सालाना आधार पर तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट को दिखाता है।
बड़ी बात यह है कि इस दौरान कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी गिरावट देखी गई है, जो कि समीक्षा अवधि में 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए पर आ गया है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।
वित्त वर्ष 2026 में एनएसई की क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से आय 21.8 प्रतिशत कम होकर 251.45 करोड़ रुपए रह गई है, जो कि वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि में 321.34 करोड़ रुपए थी।
प्रदर्शन और मार्केट शेयर में आ रही गिरावट को लेकर आईएएनएस से एनएसई को कुछ सवाल भेजे थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक एक्सचेंज ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
--आईएएनएस
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