'न्यूजक्लिक' विवाद : भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, बताया- 'भारत के लोकतंत्र के लिए खतरनाक'

'न्यूजक्लिक' विवाद : भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, बताया- 'भारत के लोकतंत्र के लिए खतरनाक'

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। 'न्यूजक्लिक' से जुड़े अमेरिकी कारोबारी नेविल राय सिंघम मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि कांग्रेस का पूरा तंत्र भ्रष्ट हो चुका है।

भाजपा प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेविल राय सिंघम की एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिका में हुई एक जांच में शंघाई में रह रहे नेविल रॉय सिंघम द्वारा 278 मिलियन डॉलर की रकम को काले धन के नेटवर्क और 2,000 गैर-लाभकारी संगठनों के जरिए लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए इस्तेमाल करने का खुलासा हुआ है। चीन में सीसीपी के मंचों से भी उसके संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि याद कीजिए जब भारतीय एजेंसियों ने नेविल रॉय सिंघम और 'न्यूजक्लिक' से जुड़े कथित विदेशी वित्तपोषण के लिंक उजागर किए थे, जिनका उद्देश्य भारत के लोकतंत्र को अस्थिर करना था। कांग्रेस ने इसे तुरंत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया था और 2021 की छापेमारी से लेकर 2023 की कार्रवाई तक इस नेटवर्क का समर्थन किया था।

भाजपा नेता ने कहा कि यह स्पष्ट होता जा रहा है कि कांग्रेस भ्रष्ट है। यह उस वैश्विक गठजोड़ का हिस्सा है, जो लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए संगठनों को वित्तपोषित करता है। राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से कहा था, "वे इंडियन स्टेट से लड़ना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस की कार्यशैली में नेविल सिंघम जैसे चीनी एजेंटों का समर्थन करना, वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना, विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से फूट पैदा करना और मनगढ़ंत स्टोरीज और फर्जी खबरें फैलाना और अराजकता पैदा करने में सफल होने पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और उसका तंत्र बुराई से भरा है।

दरअसल, 'न्यूजक्लिक' मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिकी कारोबारी नेविल रॉय सिंघम को समन जारी किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंघम अभी चीन के शंघाई शहर में रह रहा है। इस कारण ईडी ने विदेश मंत्रालय की मदद से चीनी अधिकारियों को समन भेजा ताकि वो उसे सिंघम तक पहुंचा सकें। ईडी ने सिंघम को भारत स्थित ऑफिस आकर अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। ईडी ने पिछले साल भी सिंघम को समन जारी किया था। लेकिन चीनी अधिकारियों ने तब इस समन को स्वीकार करने से मना कर दिया था।

'न्यूजक्लिक' मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली कोर्ट ने चीनी अदालत को एक औपचारिक रिक्वेस्ट जारी की थी। जिसके बाद ईडी ने सिंघम के खिलाफ यह कार्रवाई की।

'न्यूजक्लिक' पर चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने के बदले पैसे लेने का आरोप है। मुख्य तौर पर सिंघम की तरफ से पैसे मिलने का आरोप है। 'न्यूजक्लिक' के खिलाफ ईडी समेत पांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज जांच शुरू की है।

--आईएएनएस

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