नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन के समय गर्मी का एहसास बना रहेगा, वहीं रातों में हल्की ठंड दस्तक देगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, जिससे दिन का तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो सकता है। वहीं, रात का पारा गिरकर 19 से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे लोगों को रात में हल्की ठंड का एहसास होगा। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो मौसम लगभग एक समान बना रहेगा। 17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री रहने की संभावना है, जबकि ह्यूमिडिटी (आर्द्रता) 90 से 65 प्रतिशत के बीच रहेगी।
18 और 19 अक्टूबर को भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और तापमान 32 डिग्री से 20 डिग्री तक रहेगा। 20 अक्टूबर से रात का तापमान एक डिग्री और गिरकर 19 डिग्री हो जाएगा। वहीं, 21 और 22 अक्टूबर को दिन का तापमान एक डिग्री बढ़कर 33 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि, मौसम के इस बदलाव का असर हवा की गुणवत्ता पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। वातावरण में हल्की ठंड बढ़ने और हवा की गति धीमी होने के कारण धूल और प्रदूषण के कण जम रहे हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार खराब होती जा रही है।
राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार इलाके की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है, जहां एक्यूआई 348 दर्ज किया गया है, जो 'रेड जोन' (बहुत खराब श्रेणी) में आता है। इसके अलावा, बवाना में एक्यूआई 171, बुराड़ी क्रॉसिंग में 146 और अलीपुर में 136 दर्ज किया गया है, जो 'पीली' श्रेणी (मध्यम प्रदूषण) में हैं।
वहीं, गाजियाबाद की स्थिति भी दिल्ली से अलग नहीं है। यहां के कई इलाकों में एक्यूआई बॉर्डर लाइन पर चल रहा है। गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 254 (खराब श्रेणी) तक पहुंच गया है। इसके अलावा इंदिरापुरम में 218, वसुंधरा में 204 और संजय नगर में 187 एक्यूआई दर्ज किया गया है। गोविंदपुरम में 126, वेद विहार-लोनी में 124 और वेव सिटी में 160 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिन में तेज धूप और रात में तापमान गिरने के कारण बनने वाली 'इनवर्जन' स्थिति के चलते प्रदूषक तत्व नीचे फंस जाते हैं, जिससे धूल के कण हवा में जमा हो जाते हैं। आने वाले दिनों में अगर हवा की रफ्तार नहीं बढ़ी, तो एक्यूआई और खराब हो सकता है।
--आईएएनएस
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