मुंबई, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्मी दुनिया में जब कोई अनुभवी गायक लंबे समय बाद वापसी करता है, तो दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ जाती है। इसी बीच मशहूर सिंगर रब्बी शेरगिल ने एक बार फिर फिल्मी संगीत में वापसी की है, जिससे उनके फैंस काफी उत्साहित हैं। उनका नया गाना 'तलाश' काफी चर्चाओं में है, जो नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आने वाली फिल्म 'मैं एक्टर नहीं हूं' का हिस्सा है।
इस फिल्म का निर्देशन आदित्य कृपलानी ने किया है और यह 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म को लेकर पहले से ही चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन अब 'तलाश' गाने के बाद इसमें और भी दिलचस्पी बढ़ गई है। यह गाना फिल्म की कहानी और भावनाओं को गहराई से बताता है।
रब्बी शेरगिल ने खुशी जताते हुए कहा, ''जब कोई गाना एक शानदार फिल्म का हिस्सा बनता है, तो उसका मतलब और भी गहरा हो जाता है। 'तलाश' के जरिए मुझे अनुभव हुआ कि संगीत किस तरह कहानी को और मजबूत बना सकता है। मैं फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि दर्शकों को यह गाना जरूर पसंद आएगा।''
वहीं, फिल्म के मुख्य अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी रब्बी शेरगिल के साथ काम करने को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ''रब्बी का मशहूर गाना 'बुल्ला की जाणा मैं कौण' मेरा पसंदीदा रहा है। जब मुझे पता चला कि फिल्म में रब्बी का गाना शामिल है, तो मैं काफी एक्साइटेड हो गया। जब मैंने 'तलाश' सुना, तो मुझे यह बेहद खूबसूरत लगा और यह गाना फिल्म के माहौल के साथ पूरी तरह मेल खाता है।''
फिल्म के निर्देशक आदित्य कृपलानी ने भी इस गाने को अपने करियर का एक खास पल बताया। उन्होंने कहा, ''मैं लंबे समय से रब्बी के गानों का फैन रहा हूं और उनके एक गाने की लाइन मैंने अपने हाथ पर टैटू भी करवाई है। 'तलाश' फिल्म की कहानी से पूरी तरह जुड़ा हुआ है, जिसमें अकेलापन और रिश्तों की अहमियत को दिखाया गया है। यह गाना फिल्म की कहानी को और भी प्रभावी बनाता है।''
अगर फिल्म की बात करें तो 'मैं एक्टर नहीं हूं' एक अलग तरह की कहानी लेकर आ रही है। इसमें चित्रागंदा सतरुपा मौनी नाम की एक एक्ट्रेस का किरदार निभा रही हैं, जो अपने करियर को लेकर परेशान है। इसी दौरान उसकी मुलाकात ऑनलाइन ऑडिशन के जरिए अदनान बेग से होती है, जिसका किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी निभा रहे हैं।
अदनान एक रिटायर्ड और उदास व्यक्ति है। दोनों के बीच वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू होती है और धीरे-धीरे यह एक भावनात्मक सफर में बदल जाती है, जहां दोनों अपनी कमजोरियों और भावनाओं का सामना करते हैं।
इस फिल्म को आदित्य कृपलानी ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है, जबकि स्वेता छाबड़िया कृपलानी और फैजुद्दीन सिद्दीकी ने इसे को-प्रोड्यूस किया है।
--आईएएनएस
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