'मुझ पर हमला करने वाले थे राहुल गांधी', संसद परिसर में हुई बहस के बाद रवनीत सिंह बिट्टू का गंभीर आरोप

'मुझ पर हमला करने वाले थे राहुल गांधी', संसद परिसर में हुई बहस के बाद रवनीत सिंह बिट्टू का गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उनके ऊपर शारीरिक रूप से हमला करने वाले थे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "आज तो कोई गली का गुंडा भी ऐसा नहीं करेगा जैसा राहुल गांधी ने किया। जब मैंने हाथ नहीं मिलाया, तो वह मुझ पर हमला करने ही वाले थे। केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने राहुल गांधी को पकड़ा। अगर वे उन्हें नहीं पकड़ते तो पता नहीं क्या कुछ होता।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर राहुल गांधी हमला करने आते तो मेरे हाथ भी बंधे हुए नहीं थे।"

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बहस के बाद जब वे अंदर चले गए। लेकिन सवाल ये है कि वे कैसे गलत शब्द बोल सकते हैं और कहते हैं कि दोबारा मेरे पास ही आओगे।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "राहुल गांधी गलतफहमी में हैं। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे सम्मान दिया है और कांग्रेस नेताओं के सामने बैठाया। उन्हें (राहुल गांधी) को इस बात का दर्द है। मुझे सामने देखकर उन्हें रोज दर्द होता है। वह दर्द आज राहुल गांधी की जुबान और शारीरिक तौर पर साफ दिखाई दिया।"

इसी बीच, केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर सिखों की हत्याएं कराने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "ये वे लोग हैं, जिनके समर्थकों ने हजारों सिखों को उनके गले में टायर डालकर और आग लगाकर मारा। उसके बाद गुरुद्वारों को तोड़ा गया। दरबार साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब के अंगों में गोली लगी। इसलिए ये हमेशा सिखों के दुश्मन रहे हैं।"

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "उनकी पार्टी (कांग्रेस) में हमेशा यह दर्द था कि मेरे पिता शहीद हुए थे और उनके दादा भी शहीद हुए थे। मैं जहां भी जाता था और तारीफ में नारे लगाता था, तो इससे उन्हें तकलीफ होती थी। कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में हमेशा सिखों को मरवाया है। जब नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री बने और गांधी राज खत्म हुआ, उस समय मेरे दादा (सरदार बेअंत सिंह) मुख्यमंत्री बने। अगर ये लोग (गांधी परिवार) होते, तो वे सीएम नहीं बन पाते। वे पंजाब में अमन-शांति लेकर आए। सिखों-हिंदुओं को मरवाने की लड़ाई बंद हो गई थी। मेरे प्रति इसका दुख भी कांग्रेस पार्टी के मन में रहता है।"

--आईएएनएस

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