एमएसएमई कॉन्क्लेव में बोले पीयूष गोयल, 'विकसित भारत 2047' के लिए गुजरात बनेगा ग्रोथ इंजन

एमएसएमई कॉन्क्लेव में बोले पीयूष गोयल, 'विकसित भारत 2047' के लिए गुजरात बनेगा ग्रोथ इंजन

राजकोट, 12 जनवरी (आईएएनएस)। विकसित गुजरात के संकल्प को साकार करने के लिए वीजीआरसी में दूसरे दिन सोमवार को एमएसएमई कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य छोटे तथा मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाना, स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन तथा निवेश के अवसरों का सृजन करना था।

इसके अलावा, कॉन्क्लेव में इस बात पर विस्तृत चर्चा की गई कि एमएसएमई सेक्टर को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों व उनके अनुभवों तथा भावी नीतियों में क्या नया जोड़ा जा सकता है। इस कॉन्क्लेव में सौराष्ट्र एवं कच्छ के औद्योगिक विकास के लिए 300 करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू किए गए और आशा व्यक्त की गई कि ये एमओयू सौराष्ट्र एवं कच्छ सहित राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन तथा आत्मनिर्भर गुजरात के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

एमएसएमई कॉन्क्लेव के प्रारंभ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत का अमृतकाल यानी वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता को 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। विकसित भारत@2047 के सपने को साकार करने के लिए विकसित गुजरात अनिवार्य है। इस दिशा में गुजरात को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 60 लाख करोड़ रुपए का विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का विकास किया है। इस आयोजन में एमएसएमई महायोगदान देगा, जो राज्य के औद्योगिक, आर्थिक तथा सामाजिक विकास को नई गति देगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी, राज्य मंत्री जयरामभाई गामित, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव हसमुखभाई अढिया, अन्य अग्रणियों की प्रेरक उपस्थिति के साथ एमएसएमई जगत के उद्यमी उपस्थित रहे।

‘फ्यूचर-रेडी सौराष्ट्र : एडवांसिंग इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन फॉर ग्लोबल मार्केट्स’ विषय पर इस कॉन्क्लेव में एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक बाजारों के लिए तैयार करने, वित्तीय सशक्तिकरण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर संवाद किया गया। टीसीएस-कोरिया के सीईओ तथा इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स-कोरिया (आईसीसीके) के अध्यक्ष रमेश अय्यर द्वारा भारत-कोरिया के बीच क्रॉस-बॉर्डर बिजनेस सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन व ग्रीन एनर्जी, एआई तथा मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए उपलब्ध वैश्विक अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

‘फ्रॉम स्वदेशी टू ग्लोबल : ग्रोइंग फूड प्रोसेसिंग सेक्टर’ सत्र में बालाजी वेफर्स ग्रुप-राजकोट के अध्यक्ष चंदूभाई वीराणी ने स्थानीय बेकरी से राष्ट्रीय ब्रैंड तक के अपने अनुभव प्रस्तुत किए। उन्होंने उत्पादन में नवीनता लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और एक्सपोर्ट के लिए तैयारी संबंधी उपयोगी सुझाव दिए।

‘प्रॉस्पेरिटी : स्ट्रेंदनिंग रशिया-इंडिया एमएसएमई सेक्टर’ सत्र में रशियन फेडरेशन की ट्रेड रिप्रेजेंटेटर ज्लाता एंटुशेवा द्वारा भारत-रूस के बीच व्यापार, निवेश एवं सहयोग मजबूत करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद ‘ग्रासरूट इनोवेशन’ विषय पर आयोजित सत्र में जीआईएएन (गियान), सीआरआईएसटी (सृष्टि) तथा हनीबी नेटवर्क के मानद् सचिव एवं पद्मश्री अनिल गुप्ता ने प्रेरणादायी मार्दर्शन दिया कि ग्रामीण स्तर पर हुए ग्रासरूट इनोवेशन्स किस प्रकार वैश्विक स्तर पर सफल हो सकते हैं।

‘एमएसएमईस इंडस्ट्री 5.0: टेक्नोलॉजी, स्किल्स एंड सस्टेनेबिलिटी’ सत्र में सिंगापुर के एआई तथा रोबोटिक्स विशेषज्ञ विलियम ली द्वारा एमएसएमई के लिए टेक्नोलॉजी अपस्किलिंग, एआई आधारित सॉल्यूशन्स तथा टिकाऊ विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके साथ. ‘एमएसएमई बिजनेस ग्रोथ बाई एआई लेड ऑटोमेशन’ सत्र में एआई आधारित प्रोडक्ट डेवलपमेंट विशेषज्ञ अरुण गोयल ने समझाया कि ऑटोमेशन एवं फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी को सार्थक रूप से अपनाने से एमएसएमई क्षेत्र तथा कार्यक्षमता में किस तरह वृद्धि हो सकती है।

कॉन्क्लेव के अंतिम सत्र ‘एमएसएमई फाइनेंसिंग, गारंटीज एंड आईपीओ फॉर स्केलिंग’ में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट पार्वती मूर्ति ने कैपिटल मार्केट द्वारा फंड रेजिंग, आईपीओ तथा परंपरागत फाइनेंसिंग पर निर्भरता घटाने के बारे में जानकारी दी।

इसके बाद ‘एनहैंसिंग नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) अमॉन्ग एमएसएमईस’ सत्र में पीएफआरडीए की एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर ममता रोहित ने एमएसएमई क्षेत्र में नेशनल पेंशन सिस्टम को प्रोत्साहन देने के मार्ग प्रस्तुत किए। इस एमएसएमई कॉन्क्लेव द्वारा उद्यमियों को वैश्विक दृष्टिकोण, टेक्नोलॉजी आधारित विकास, वित्तीय सशक्तिकरण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

--आईएएनएस

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