नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। इजरायल ने जब से सोमालीलैंड को एक देश के रूप में मान्यता दी है, तब से भारत को लेकर लगातार गलत खबरें फैलाई जा रही हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय ने फैक्ट चेक के जरिए खुलासा किया था कि सोमालीलैंड को देश के रूप में मान्यता देने को लेकर भारत की ओर से किसी भी तरह का फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, अब मिडिल ईस्ट 24 और सोमालीलैंड रिपब्लिक नाम के एक हैंडल के दावे का एमईए ने फैक्ट चेक किया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट 24 के पोस्ट को टैग कर लिखा, "फेक न्यूज अलर्ट। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज से सावधान रहें।" इसके साथ ही एमईए ने एक पोस्ट भी टैग किया।
सोमालीलैंड रिपब्लिक के जिस पोस्ट को एमईए ने टैग किया, उसमें लिखा है, "सोमालीलैंड रिपब्लिक के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आधिकारिक बातचीत की। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र से सोमालीलैंड को मान्यता मिलने वाली है। इस बीच, सोमालिया ने भारत में अपने राजदूत, ओडावा (सोमालीलैंड के रहने वाले), को सोमालीलैंड-भारत रिश्तों में मदद करने के लिए देशद्रोह के आरोप में वापस बुला लिया है। ठीक इजरायल की शानदार मान्यता के बाद। इसके बाद वह सीधे सोमालीलैंड गए और देश छोड़ दिया। एक शानदार डिप्लोमैटिक चाल में, हरगेसा ने ग्लोबल स्टेज पर मोगादिशु को मात दी।" मिडिल ईस्ट 24 ने भी इसी लाइन को दोहरा दिया है।
इससे पहले इनसाइड अफ्रीका नाम की एक न्यूज वेबसाइट ने खबर फैलाई थी कि भारत भी सोमालीलैंड को एक देश के रूप में मान्यता दे सकता है। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से इनकार करते हुए लिखा गया, "यह पोस्ट गुमराह करने वाली है। कृपया सावधान रहें।"
इनसाइड अफ्रीका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा था, "भारत सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला अगला संभावित देश बन सकता है। पश्चिमी हिंद महासागर में रणनीतिक असर और चीन का मुकाबला करने के लिए भारत सोमालीलैंड के बरबेरा पोर्ट और इथियोपिया तक पहुंच को महत्व देता है, जिसे भारतीय पॉलिसी स्ट्रेटजिस्ट लंबे समय से प्राथमिकता देते रहे हैं।"
--आईएएनएस
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