मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। जीएसटी परिषद की बैठक, ऑटो सेल्स और जीएसटी के आंकड़े और अमेरिकी टैरिफ पर अपडेट से बाजार की चाल निर्धारित होगी।
टैक्स को कम करने के लिए जीएसटी परिषद की बैठक 3-4 सितंबर के बीच प्रस्तावित है। इसके साथ ही ऑटो सेल्स का डेटा सोमवार से आना शुरू हो जाएगा, इससे जानकारी मिलती है कि अर्थव्यवस्था कैसे प्रदर्शन कर रही है। माना जाता है कि जब गाड़ियों की बिक्री ज्यादा होती है, तो अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
वहीं, शुक्रवार को जारी हुए पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों पर शेयर बाजार सोमवार को प्रतिक्रिया दे सकता है। वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो कि अनुमान से अधिक है।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड की ओर से रेट कट को लेकर आया कोई भी बयान काफी अहम होगा। इससे बाजार पर असर हो सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत है, जो कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के खिलाफ देश की जीडीपी को एक बफर जोन प्रदान कर रहा है। टैरिफ का समाधान बाजार के सेंटीमेंट को अच्छा कर सकता है। हालांकि, 25 प्रतिशत टैरिफ लगे रहने की संभावना है।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशक आगामी घरेलू और अमेरिकी मैक्रो डेटा पर भी कड़ी नजर रखेंगे, जिसमें पीएमआई प्रिंट, बेरोजगारी दावे, पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़े शामिल हैं।
बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुए थे। इस दौरान निफ्टी 443.25 अंक या 1.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,426.85 और सेंसेक्स 1,497.20 या 1.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 79,809.65 पर था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,902.35 अंक या 3.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,727.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 692.50 अंक या 3.86 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,227 पर था।
सेक्टोरल आधार पर पीएसयू बैंक (3.46 प्रतिशत), फाइनेंशियल सर्विसेज (2.85 प्रतिशत), रियल्टी (4.28 प्रतिशत), एनर्जी (2.52 प्रतिशत), मेटल (2.35 प्रतिशत) और पीएसई (2.84 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए। केवल पीएसयू इंडेक्स ही 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
--आईएएनएस
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