मुंबई, 1 जनवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम इन दिनों हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'हक' की सफलता का जश्न मना रही हैं। इस बीच यामी ने आईएएनएस से बात करते हुए अपने शुरुआती दिनों के थिएटर अनुभव को याद किया और बताया कि उन्होंने एक डायलॉग को इतने अजीब तरीके से बोला था कि वहां मौजूद लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए थे।
आईएएनएस से बात करते हुए यामी ने कहा, ''जब मैं स्कूल में थिएटर सीख रही थी, तब वहां एक नया टीचर आया था। थिएटर बस शुरू हो रहा था और हर छात्र को अपनी लाइन अलग अंदाज में बोलनी थी। मुझे याद है कि मेरा एक डायलॉग था, 'चुप रहो, छोटे शैतान, वरना मैं तुम्हारा गला काट दूंगी', ये लाइन मैंने इतनी अजीब तरीके से कही कि सभी लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए।''
उन्होंने बताया, "इसके बाद टीचर ने मजाकिया अंदाज में मुझसे कहा कि 'तुम तो किसी गली के आदमी की तरह बोल रही हो', मैंने कहा, 'मुझे नहीं पता मैं कैसे करूं, लेकिन एक बात अच्छी है कि कम से कम आपको मेरी लाइनें तो याद हैं।'''
यामी ने अभिनय और निर्देशक के बीच के संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''निर्देशक कहानी की दिशा तय करता है और अभिनेता उनके विजन को स्क्रीन पर दिखाता है। एक ही किरदार को एक अभिनेता कई अलग-अलग तरीकों से निभा सकता है, और इनमें से कोई तरीका गलत या सही नहीं होता। लेकिन स्क्रीन पर जो दिखता है, वह हमेशा निर्देशक के विजन का हिस्सा होता है। यह कलाकार और निर्देशक के बीच की रचनात्मक साझेदारी को दिखाता है।''
उन्होंने कहा, ''अभिनय केवल डायलॉग बोलने तक सीमित नहीं है। यह किरदार की भावनाओं, मानसिकता और कहानी की दिशा को समझने का तरीका है। जब निर्देशक सही दिशा दिखाते हैं, तो अभिनेता को अपने अनुभव और प्रतिभा का इस्तेमाल कर कहानी को और प्रभावशाली बनाना होता है। निर्देशक और अभिनेता का तालमेल ही किसी फिल्म को सफल बनाता है।''
--आईएएनएस
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