मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,60,303 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले बुधवार को इसकी कीमत 1,60,230 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने का भाव 73 रुपए चढ़ा है।
वहीं यदि चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, गुरुवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,68,301 रुपए प्रति किलोग्राम है, जो बीते बुधवार को 2,66,010 रुपए प्रति किलोग्राम थी। यानी आज चांदी के दाम में 2,291 रुपए प्रति किलो की उछाल आई है।
वहीं अगर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों की बात करें तो, खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 7.22 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 299 रुपए यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,61,490 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी 1.22 प्रतिशत यानी 3,273 रुपए की तेजी के साथ 2,71,764 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड करती नजर आई।
दिन के कारोबार में कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दोपहर के समय सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी और वह 1,62,991 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में इसकी कीमतें नीचे गिर गईं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। एक विश्लेषक के मुताबिक, जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। अगर कीमत 1,65,000 रुपए से ऊपर मजबूती से निकलती है, तो यह 1,75,000 से 1,80,000 रुपए तक की नई तेजी को जन्म दे सकती है।
दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूती देखने को मिली। चांदी ने 2,69,212 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपए से थोड़ा ज्यादा था।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच बीते कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि ईरान युद्ध को लेकर मिले-जुले संकेतों के चलते माहौल अस्थिर बना हुआ है। ऐसे में, अब कमोडिटी बाजार का ध्यान आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति आंकड़ों पर है, जो फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में और संकेत दे सकते हैं, हालांकि ये आंकड़े संघर्ष से जुड़ी बढ़ती ऊर्जा कीमतों के मुद्रास्फीति प्रभावों को पूरी तरह से नहीं दर्शाएगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी जीडीपी और महंगाई के आंकड़े भी फोकस में रहेंगे, जिनसे आर्थिक स्थिति और आगे की मौद्रिक नीति के बारे में बेहतर स्पष्टता मिलेगी। इससे ही सोने और चांदी की आगे की चाल तय होगी।
--आईएएनएस
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