नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। मां अम्बे की भक्ति में एक अलग ही शक्ति मानी जाती है। कहा जाता है कि अगर सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ उनका नाम लिया जाए, तो जीवन की बड़ी से बड़ी बाधा भी दूर हो सकती है। लेकिन, सिर्फ मंत्र बोल देने से ही सब कुछ नहीं होता, उसे सही तरीके से और नियम के साथ करना भी उतना ही जरूरी है।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि मंत्र क्या होता है। मंत्र सिर्फ शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि एक ऊर्जा है। जब आप इसे ध्यान और एकाग्रता के साथ बोलते हैं, तो यह आपके मन और आसपास के वातावरण पर सकारात्मक असर डालता है। मां अम्बे के मंत्र खास तौर पर शक्ति, साहस और सुरक्षा देने वाले माने जाते हैं।
अगर आप जीवन में बार-बार रुकावटों का सामना कर रहे हैं, काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं या मन में डर और चिंता बनी रहती है, तो मां दुर्गा के मंत्रों का जाप आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। जैसे 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे', 'सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥' और 'रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥' को बहुत शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इन मंत्रों को नवरात्रि ही नहीं, बल्कि रोज भी जपा जा सकता है। इसी तरह 'ऊं दुं दुर्गायै नमः' एक सरल और प्रभावी मंत्र है, जिसे कोई भी आसानी से जप सकता है। यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
मंत्र जाप करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले, जप शुरू करने से पहले एक छोटा सा संकल्प लें। अपने मन में या जल लेकर यह बोलें कि आप किस इच्छा या उद्देश्य से जाप कर रहे हैं। इससे आपका ध्यान केंद्रित रहता है।
दूसरी बात, नियमितता बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि रोज एक ही समय पर जप करें, खासकर सुबह का समय यानी ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) सबसे अच्छा माना जाता है। अगर यह संभव न हो, तो कोई भी शांत समय चुन सकते हैं।
तीसरी बात, संख्या का ध्यान रखें। कम से कम 108 बार (एक माला) मंत्र का जाप करना चाहिए। अगर आप ज्यादा करना चाहें, तो सवा लाख जाप का अनुष्ठान भी किया जाता है, जिसे बहुत प्रभावशाली माना गया है।
जप के दौरान शुद्धता भी जरूरी है। साफ-सुथरे स्थान पर बैठें, सात्विक भोजन करें और मन में किसी के प्रति बुरा भाव न रखें। कोशिश करें कि जप के समय आपका ध्यान पूरी तरह मां अम्बे पर ही रहे।
यह याद रखें कि मंत्र जाप कोई जादू नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इसमें समय, धैर्य और विश्वास की जरूरत होती है। अगर आप सही तरीके से और पूरी श्रद्धा के साथ मां अम्बे के मंत्रों का जाप करते हैं, तो धीरे-धीरे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव जरूर दिखाई देंगे और बाधाएं खुद-ब-खुद दूर होने लगेंगी।
--आईएएनएस
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