नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच देश का झंडा बदलने की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में इससे संबंधित एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक प्रदर्शनकारी लंदन में ईरानी दूतावास से ईरान का झंडा फाड़ते और क्रांति से पहले का झंडा पकड़े हुए देखा गया। वहीं इजरायल के वॉर रूम ने भी ईरान का पुराना शेर और सूरज वाले झंडे की तस्वीर के साथ एक पोस्ट शेयर किया है।
इजरायल के इस पोस्ट से इस बात की आशंका और तेज हो गई है कि क्या खामेनेई की सरकार जाने वाली है। इजरायल वॉर रूम ने झंडे की फोटो के साथ कैप्शन में 'जल्द' लिखा है।
वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें क्रांति से पहले का झंडा फ्लैगपोल से लटका हुआ दिख रहा है और एक शख्स दीवार पर चढ़ते हुए ऊपर की बालकनी में पहुंचता है। वह क्रांति के बाद वाला झंडा हटाता है।
ब्रिटेन की पुलिस ने कहा कि उन्हें ईरानी दूतावास के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में पता चला। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी बिल्डिंग की बालकनी पर चढ़ गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं तीसरे की तलाश अभी जारी है।
इससे एक दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक यूजर के अनुरोध पर ईरानी झंडे के इमोजी को ईरान की क्रांति से पहले के झंडे के इमोजी से बदल दिया। इसके बाद ईरानी झंडे को लेकर खूब चर्चा हुई। इसी कड़ी में आज इजरायली वॉर रूम ने भी यह पोस्ट किया।
जब ईरान में राजशाही सत्ता में थी, तो देश का झंडा हरा, सफेद और लाल रंग का था जिस पर शेर और सूरज का निशान था। ईरान के पुराने झंडे को फिलहाल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। 1979 की क्रांति के बाद जब मौलवियों के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई, तो उसने शेर और सूरज के निशान को एक नए कोट ऑफ आर्म्स से बदल दिया और धारियों के अंदरूनी किनारों पर अल्लाहु अकबर लिखा।
नाम न बताने की शर्त पर तेहरान में एक 35 साल के प्रदर्शनकारी ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि लोग थके हुए लग रहे हैं। उन्होंने बताया, "यह आपकी सोच से भी बुरा है और यह और भी हिंसक होने वाला है। हम थक गए हैं। लोग लड़ाई से थक गए हैं, लोग सो नहीं पाए हैं या आराम नहीं कर पाए हैं। हम इसे और नहीं झेल सकते।"
--आईएएनएस
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