कृषि में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने का श्रेय पीएम मोदी को: पद्मश्री सेठपाल सिंह

कृषि में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने का श्रेय पीएम मोदी को: पद्मश्री सेठपाल सिंह

सहारनपुर, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस के अवसर पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने से बधाई संदेश मिल रहे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने वालों में वे विशेष लोग भी शामिल हैं, जिनकी जिंदगी में पीएम मोदी की योजनाओं से बदलाव आया है। सहारनपुर के पद्मश्री पुरस्कार विजेता सेठपाल सिंह ने प्रधानमंत्री को न सिर्फ जन्मदिन की बधाई दी, बल्कि उनके दीर्घायु होने की भी कामना की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर पद्मश्री पुरस्कार विजेता सेठपाल सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि जिस प्रकार उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ाया है, उसी प्रकार आगे भी देश का गौरव बढ़ाते रहें। प्रधानमंत्री का सपना है कि किसानों की आय दोगुनी, तिगुनी और चौगुनी हो। इसके लिए कृषि विविधीकरण को अपनाने पर लगातार जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में उन्होंने कई योजनाएं शुरू की हैं। चाहे तीन कृषि कानून लाने की पहल रही हो, कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने की बात हो, ड्रिप सिंचाई को प्रोत्साहन देना हो या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपए की सहायता प्रदान करना हो, इन सभी योजनाओं में किसानों के हित को प्राथमिकता दी गई है।

पद्मश्री पुरस्कार विजेता सेठपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा यह सोचते हैं कि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी लागत कैसे कम कर सकते हैं और अपनी फसलों को गुणवत्तायुक्त बनाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कैसे पहुंचा सकते हैं। इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसान नई-नई तकनीकों को अपनाएंगे, तभी बड़े परिवर्तन संभव हैं।

चाहे एआई का उपयोग हो, कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकों का प्रयोग हो, या आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल हो, इन सभी के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादन में भी सुधार होता है।

पद्मश्री पुरस्कार विजेता सेठपाल सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने मिट्टी की जांच के लिए पूरे देश में अभियान चलाया, जिससे किसानों को अपनी भूमि के स्वास्थ्य की जानकारी मिली। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पहचानकर उन्हें पूरा करने के उपाय किए गए। इससे न केवल किसानों में जागरूकता बढ़ी, बल्कि जमीन की उर्वरक क्षमता भी मजबूत हुई।

उर्वरकों के क्षेत्र में भी तकनीक का उपयोग बढ़ा है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे उत्पादों के आने से किसानों की लागत कम हुई है, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ी है और पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव भी कम हुआ है। इससे मिट्टी और उपयोगी कीटों की सुरक्षा में भी मदद मिली है।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि किसी किसान को पद्मश्री मिलना कभी सिर्फ कल्पना जैसा लगता था। खेतों में मेहनत करने वाले किसानों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित होते देखना पूरे किसान समाज के लिए गर्व की बात है। इससे किसानों के श्रम, प्रतिभा और योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या भारत में है। दुनिया की बड़ी आबादी का भोजन उत्पादन हमारे किसानों की मेहनत पर निर्भर है।

उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, प्रसंस्करण और कृषि विविधीकरण के क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर काफी बदलाव आया है। किसानों की आय बढ़ी है और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री लगातार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और वैल्यू एडिशन के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जोड़ने का संदेश देते रहे हैं, ताकि किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को अधिक लाभ मिल सके। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग करके और अधिक प्रगति करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवैधानिक पद पर रहते हुए 25 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय रहा है। पहले किसान पानी, बिजली, खाद और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करते थे। प्रधानमंत्री जी ने किसानों के बीच जाकर, किसान प्रतिनिधियों से संवाद कर और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कई प्रयास किए हैं। खाद की उपलब्धता का विषय हो या वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद किसानों तक समय पर आवश्यक संसाधन पहुंचाने का प्रयास, इन सभी कारणों से किसान समुदाय में उनके प्रति विश्वास बना है। हम उम्मीद करते हैं कि वे इसी प्रकार भारत की नई पीढ़ी को कृषि के प्रति प्रेरित करते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

सेठपाल सिंह ने कहा कि मेरा संदेश है कि प्रधानमंत्री दीर्घायु हों और उनका मार्गदर्शन देश को मिलता रहे। उनका स्पष्ट दृष्टिकोण है कि किसान को कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्तायुक्त बीज और आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। जिस प्रकार कृषि क्षेत्र में विकास हुआ है, हम आशा करते हैं कि उनके नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

--आईएएनएस

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