कोलकाता: पत्नी की पीठ पर बैठकर सीएम से मिलने पहुंचा दिव्यांग, सात दिन में मदद का मिला भरोसा

कोलकाता: पत्नी के कंधों पर बैठकर सीएम से मिलने पहुंचा दिव्यांग, सात दिन में मदद का मिला भरोसा

कोलकाता, 2 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में भाजपा कार्यालय में जनता दरबार लगाया। इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान एक मार्मिक तस्वीर देखने को मिली, जहां चलने-फिरने में असमर्थ एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी पत्नी की पीठ पर बैठकर मुख्यमंत्री तक अपनी फरियाद लेकर पहुंचा।

संघर्ष और बेबसी की इस तस्वीर ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। दिव्यांग शख्स सीएम से मुलाकात करने पहुंचा। सीएम ने उससे मुलाकात की और सात दिन के भीतर मदद करने का भरोसा दिया।

भाजपा पार्टी ऑफिस में आयोजित इस जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जिनकी समस्याओं को सीधे सीएम सुवेंदु अधिकारी ने खुद सुना। इस जनता दरबार में एक दिव्यांग शख्स भी पहुंचा था, जो चलने में असमर्थ था। उसने पूर्व की ममता सरकार पर कोई भी सुविधा न देने का आरोप लगाते हुए सीएम से मदद की गुहार लगाई।

दिव्यांग शख्स अपनी पत्नी की मदद से जनता दरबार में पहुंचा था। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं एक बेसहारा व्यक्ति हूं। मुझे बैटरी से चलने वाले वाहन की जरूरत है। मैं दिव्यांग हूं। हमें 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत भी कोई लाभ नहीं मिला है, और मुझे एक घर की भी जरूरत है। मैं सीएम के पास मदद की गुजारिश लेकर आया था। सीएम ने कहा कि यह काम हो जाएगा और सात दिन के भीतर मेरी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

जनता दरबार में कलाकार रिद्धि बंदोपाध्याय नाम की महिला भी पहुंची थी। उन्होंने कहा कि पहले कुछ बोलना भी ठीक नहीं लगता था, लेकिन अब हम सीएम से मिले और उनसे मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि मैं पूरे विश्व में गाना जाती हूं। हम लोगों की आवाज उठाते हैं। मैं मुख्यमंत्री के पास मदद के लिए आई थी, उन्होंने मुझे मदद करने का आश्वासन दिया है। अब हम खुलकर बोल पा रहे हैं, पहले हम नहीं बोल सकते थे। मैंने 15 साल तक परेशानी को झेला है।

एक अन्य बुजुर्ग महिला ने कहा कि मैं एक मामले की सीबीआई जांच में तेजी की मांग को लेकर आई थी। सीएम ने कहा कि मैं इस मामले में डायरेक्ट कोई मदद नहीं कर सकता, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं इस मामले पर विचार करूंगा और जो भी संभव होगा, जरूर किया जाएगा।

--आईएएनएस

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