खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी, बनासकांठा के किसानों में खुशी का माहौल

खरीफ 2026-27 के लिए 14 फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी, बनासकांठा के किसानों में खुशी का माहौल

बनासकांठा, 14 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से गुजरात के बनासकांठा समेत पूरे देश के किसानों में खुशी का माहौल है।

किसान इस फैसले को अपनी मेहनत का सही मूल्य मिलने के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से न केवल खेती का खर्च निकल आएगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को इस फैसले से सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दलहन और तिलहन फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय किसान जगदीश पटेल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सरकार ने एमएसपी का भाव जो बढ़ाया है, उससे हमें बहुत फायदा होने वाला है। जब फसलों को बाजार में बेचने पर कम भाव मिलता है, तो उस समय सरकार एमएसपी के भाव से फसलों को खरीदेगी, जिससे हमें फायदा होगा। अब किसानों को उनकी मेहनत का फल मिलेगा।"

किसान जयेशभाई ने सराहना करते हुए कहा, "हमारा किसानों का देश है। पीएम मोदी ने किसानों के लिए एमएसपी में जो बढ़ोतरी की है, उसमें किसानों के उत्पादन से डेढ़ गुना ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। गांव में रहने वाले छोटे और सीमांत किसानों की भी सरकार ने चिंता की है। फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि योजना और अन्य योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की पीएम मोदी ने पूरी चिंता की है। हम किसान उनके बहुत-बहुत आभारी हैं।"

कीर्ती भाई मेवाडा ने कहा, "सरकार ने एमएसपी के अंतर्गत जो भाव बढ़ाया है, वह किसानों के लिए बहुत अच्छा है। केंद्र सरकार का बहुत बढ़िया काम चल रहा है। सरकार के फैसले से किसान बहुत खुश हैं।"

किसान मेघराज भाई पटेल ने बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए कहा, "केंद्र सरकार ने एमएसपी में जो बढ़ोतरी की है, वह किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। हमारी यह भी मांग है कि सरकार अधिक मात्रा में किसानों से फसल खरीदे।"

किसानों का मानना है कि एमएसपी में यह बढ़ोतरी खेती को अधिक लाभकारी और आकर्षक बनाएगी। खासकर उन किसानों के लिए जो दलहन और तिलहन की खेती करते हैं, इस फैसले से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का यह कदम किसान हितैषी नीतियों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है।

--आईएएनएस

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