नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। कजाकिस्तान के व्यापार जगत में महिला उद्यमियों का दबदबा देखने को मिल रहा है। यहां की महिलाएं एमएसएमई के बिजनेस में लीडर के तौर पर आगे बढ़ रही हैं। एमएसएमई बिजनेस देश के जीडीपी में लगभग 30 से 40 फीसदी का योगदान देते हैं। ऐसे में यहां की सरकार महिलाओं के बढ़ते बिजनेस का फायदा उठाने और उनके लंबे समय के विकास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
हाल के सालों में नए सरकारी और प्राइवेट नॉन-प्रॉफिट सपोर्ट सिस्टम सामने आए हैं। सरकार ने देश भर में सेकंड-टियर बैंकों के जरिए प्रिफरेंशियल लेंडिंग (प्राथमिकता के आधार पर लोन देना) बढ़ाया है। सरकार के इस कदम से ज्यादा समय की लोन मैच्योरिटी और कम ब्याज दरें मिलती हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाले बिजनेस को आईटी और तकनीक में पब्लिक-प्राइवेट पहलों से भी फायदा होता है।
महिलाओं के नेतृत्व वाले बिजनेस आज मुख्य रूप से सर्विसेज, रिटेल और शिक्षा पर केंद्रित हैं। कृषि से संबंधित व्यापार और क्रिएटिव उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। इनमें ब्यूटी और टेलरिंग सर्विसेज से लेकर बच्चों के सेंटर, ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म और क्रिएटर के नेतृत्व वाले प्रोडक्ट ब्रांड शामिल हैं।
हालांकि, यूरोपियन बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (ईबीआरडी) का मानना है कि कजाकिस्तान में महिला उद्यमियों को अभी भी पुरुषों के बिजनेस की तरह तेजी से बढ़ना बाकी है। ज्यादातर महिलाएं माइक्रो या इनफॉर्मल उद्योग चलाती हैं, जो तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर में सीमित भागीदारी को दिखाता है। महिलाओं के कई बिजनेस ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां आगे बढ़ने के अवसर कम हैं।
डीएएमयू एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट फंड का प्रेफरेंशियल लेंडिंग प्रोग्राम महिलाओं के व्यापार के विकास में मदद करने वाले सबसे असरदार तरीकों में से एक रहा है। 2007 से इस फंड ने 7.6 बिलियन यूरो के वित्तीय फंड दिए हैं, जिससे 110,000 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स को मदद मिली। यह इस प्रोग्राम के तहत दिए गए सभी लोन का लगभग 30 प्रतिशत है।
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