कमजोर कोर मसल्स, खराब पाचन और कब्ज से छुटकारा, आयुष मंत्रालय ने बताए 'शलभासन' के फायदे

कमजोर कोर मसल्स, खराब पाचन और कब्ज से छुटकारा, आयुष मंत्रालय ने बताए 'शलभासन' के फायदे

नई दिल्ली, 15 मई (आयुष मंत्रालय)। क्या आप कमजोर कोर मसल्स, खराब पाचन या बार-बार कब्ज से परेशान हैं? अगर हां, तो शलभासन आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस करीब आ रहा है। इसी कड़ी में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना योगासन और उसके फायदों की जानकारी दे रहा है। आज इस सीरीज में शलभासन के बारे में बताया गया है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, हमारे शरीर अक्सर कोई बड़ी समस्या आने से पहले हल्के संकेत देता है। कोर की कमजोर मांसपेशियां, पाचन तंत्र की कमजोरी और बार-बार कब्ज जैसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। इन समस्याओं से निपटने में शलभासन बहुत प्रभावी माना जाता है।

शलभासन को लोकस्ट पोज भी कहा जाता है। इस आसन में व्यक्ति पेट के बल लेटकर दोनों पैरों को ऊपर उठाता है, जिससे शरीर तीर की तरह दिखता है। इस अभ्यास से पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पीठ की मांसपेशियां भी ताकतवर बनती हैं और पूरा कोर एरिया मजबूत होता है।

शलभासन के अभ्यास से कई फायदे मिलते हैं- यह कोर मसल्स को मजबूत बनाता है, पाचन क्रिया को बेहतर करता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है। यही नहीं पीठ और कमर के दर्द को कम कर शरीर की ताकत और सहनशक्ति को भी बढ़ाता है। थकान दूर करने और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, शलभासन के अभ्यास के लिए पेट के बल मैट पर लेट जाएं। ठोड़ी जमीन पर रखें। दोनों हाथों को शरीर के साथ रखें और हथेलियां नीचे की ओर। सांस अंदर लेते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। जितना हो सके ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पैर नीचे लाएं। शुरुआत में 3-4 बार करें, बाद में बढ़ा सकते हैं।

आयुष मंत्रालय का कहना है कि नियमित अभ्यास से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे पाचन अच्छा रहता है और कब्ज जैसी आम समस्याएं दूर होती हैं। यह आसन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है। हालांकि, कुछ सावधानियां भी बरतने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाएं, हर्निया, पीठ की गंभीर समस्या या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो योग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही करें।

--आईएएनएस

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