नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। विश्व योग दिवस के करीब आने के साथ ही लोग योगासन सीखने के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना योगासनों के बारे में जानकारी देने के साथ ही फायदों और सही अभ्यास की जानकारी भी दे रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय ने भुजंगासन के सही अभ्यास की जानकारी दी है।
यह आसन कमर, पीठ और कंधों को मजबूत बनाने के लिए बेहद उपयोगी है लेकिन अगर गलत तरीके से किया जाए तो यह कमर दर्द का कारण भी बन सकता है। भुजंगासन सांप की मुद्रा की तरह दिखता है। इसलिए इसे कोबरा पोज भी कहा जाता है। इसमें शरीर का ऊपरी भाग ऊपर उठता है, जबकि निचला भाग जमीन से जुड़ा रहता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, कई लोग इस आसन को करते समय छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। भुजंगासन के दौरान की जाने वाली आम गलतियों पर नजर डालें तो कोहनियों को बाहर की तरफ फैलाना, कंधों को कानों की तरफ चढ़ा लेना, नितंबों को बहुत ज्यादा कसना, कमर को अत्यधिक मोड़ना, एड़ियों को बाहर की तरफ फैलाना आदि शामिल है। ये गलतियां गर्दन, कमर और कंधों पर दबाव डालती हैं। इससे चोट लगने या पुरानी समस्या बढ़ने का खतरा रहता है।
ऐसे में चेतावनी देते हुए एक्सपर्ट भुजंगासन करने के सही तरीके के बारे में जानकारी देते हैं। भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। पैर सीधे रखें और पंजों को पीछे की ओर फैलाएं। हथेलियों को छाती के दोनों तरफ जमीन पर रखें। अब सांस अंदर लेते हुए धीरे-धीरे छाती, गर्दन और सिर को ऊपर उठाएं। सही मुद्रा के मुख्य बिंदु पर फोकस करें- गर्दन रीढ़ की हड्डी की सीध में रखें, दृष्टि सामने की ओर हो और छाती आगे और ऊपर की तरफ उठी हुई रहे, कंधे नीचे और पीछे की ओर खींचें, कानों से दूर रखें। इस दौरान कोहनियां शरीर की तरफ और ऊपर की ओर रखें। वहीं, हथेलियां छाती के बगल में हों और जांघ, घुटने और पैर पूरी तरह भूमि से जुड़े रहें।
आसन करते समय सांस सामान्य रखें। शुरुआती लोग 10-15 सेकंड तक आसन में रह सकते हैं। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। सही तरीके से भुजंगासन करने से कमर मजबूत होती है, पीठ की मांसपेशियां लचीली बनती हैं, पाचन तंत्र सुधरता है और मुद्रा सुधारने में मदद मिलती है। यह खासकर उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि सही तकनीक से ही योग का पूरा लाभ मिलता है। हालांकि, अगर कमर, गर्दन या कलाई में दर्द हो तो यह आसन न करें, गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से ही करें और बहुत ज्यादा कमर न मोड़ें, शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास करें।
--आईएएनएस
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