काला हिरण शिकार मामला : राजस्थान हाईकोर्ट में टली सुनवाई, जज ने खुद को किया अलग

काला हिरण शिकार मामला: राजस्थान हाईकोर्ट में टली सुनवाई, जज ने खुद को किया अलग

जयपुर, 16 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को काला हिरण शिकार मामले को लेकर अहम सुनवाई हुई, लेकिन यह सुनवाई किसी नतीजे पर पहुंचे बिना टल गई। सोमवार को यह मामला जब अदालत में आया, तो जज ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसके बाद अब यह प्रकरण मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जाएगा। वहीं से यह तय होगा कि आगे इस मामले की सुनवाई किस बेंच को सौंपी जाएगी।

इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि इससे जुड़े सभी पक्षों की निगाहें हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिक गई हैं।

सोमवार की सुनवाई राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर होनी थी। यह अपील उन सह-अभियुक्तों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को बरी किए जाने के खिलाफ है, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था।

सुनवाई के दौरान संबंधित न्यायाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकरण से जुड़े मुद्दों पर पहले ही उनका डिस्कशन हो चुका है और ऐसे में वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते, जिसके चलते सुनवाई स्थगित कर दी गई।

यह मामला साल 1998 का है, जब जोधपुर के कांकाणी गांव के पास फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग चल रही थी। उसी दौरान आरोप लगा कि फिल्म यूनिट से जुड़े कुछ कलाकारों ने काले हिरण का शिकार किया। इस मामले में सबसे प्रमुख नाम अभिनेता सलमान खान का रहा। उनके अलावा सह-अभियुक्त के तौर पर सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह के नाम सामने आए थे।

लंबी सुनवाई के बाद जोधपुर की निचली अदालत ने 5 अप्रैल 2018 को फैसला सुनाया था। अदालत ने सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा और जुर्माना लगाया था। वहीं, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम और दुष्यंत सिंह को सबूतों के अभाव के कारण बरी कर दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ सलमान खान ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

राज्य सरकार ने सह-अभियुक्तों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में 'लीव टू अपील' दाखिल की थी।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम