ढाका, 14 मार्च (आईएएनएस)। बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच में पाकिस्तान ने जीत हासिल कर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। यह मैच परिणाम से ज्यादा सलमान अली आगा के रन-आउट के तरीके को लेकर चर्चा में है। आगा को जिस तरह आउट किया गया उसे खेल की भावना के खिलाफ माना जा रहा है।
घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन-स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी, इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। फैसले को खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।
मेहदी हसन मिराज बांग्लादेश के कप्तान भी हैं। मैच के बाद इस घटना पर उन्होंने कहा, "मेरा इरादा केवल गेंद को रोकने और संभावित रन को बचाने का था। वह क्रीज से बाहर थे और मैं सिर्फ गेंद की तरफ जा रहा था। अगर मैं गेंद को मिस कर देता तो वह आसानी से रन ले सकते थे, इसलिए मैंने स्टंप्स पर थ्रो करने का फैसला किया।"
पाकिस्तान के खिलाड़ी भी इस फैसले से नाराज दिखे। आगा ने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट फेंक दिए और बांग्लादेशी खिलाड़ियों के लिए तीखे शब्द भी कहे। कमेंट्री कर रहे पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्रिकेट में खेल भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है।
मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।
--आईएएनएस
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