इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग 2026: छह राज्यों से 80 से ज्यादा सर्फर मैंगलोर में होने वाले सातवें एडिशन के लिए तैयार

इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग 2026: छह राज्यों से 80 से ज्यादा सर्फर मैंगलोर में होने वाले सातवें एडिशन के लिए तैयार

मैंगलोर, 28 मई (आईएएनएस)। इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग 2026 का आयोजन 29 से 31 मई तक मैंगलोर के ब्लू बे तनीरभावी इको बीच पर होगा। शीर्ष भारतीय सर्फिंग के इस सातवें एडिशन में देश के शीर्ष सर्फर हिस्सा लेंगे।

एशियन गेम्स से पहले आयोजित हो रहा यह इवेंट बेहद अहम है। इस इवेंट में पुरुषों का ओपन, महिलाओं का ओपन, अंडर-18 लड़के, अंडर-18 लड़कियां, अंडर-14 लड़के और अंडर-14 लड़कियां जैसी श्रेणियों में मुकाबले शामिल हैं। इवेंट में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गोवा से 80 से ज्यादा एथलीटों के आने की उम्मीद है।

मंत्रा सर्फ क्लब और सर्फिंग स्वामी फाउंडेशन द्वारा सर्फिंग फेंडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के तहत आयोजित इंडियन ओपन, धीरे-धीरे राष्ट्रीय खेल कैलेंडर का एक अहम इवेंट बन गया है। कर्नाटक सरकार ने लगातार सातवें साल इस इवेंट को अपना समर्थन दिया है।

राष्ट्रीय टीम में सीमित जगहों को देखते हुए, हाल के महीनों में मुकाबला काफी कड़ा हो गया है। इसने इंडियन ओपन को अब तक के देश के सबसे अहम घरेलू सर्फिंग इवेंट्स में से एक बना दिया है। मैंगलोर में होने वाले हर 'हीट' के दूरगामी असर होने की उम्मीद है, क्योंकि चयनकर्ता महाद्वीपीय सर्फिंग में भारत के डेब्यू की तैयारी के लिए एथलीटों का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं।

यह इवेंट राष्ट्रीय चैंपियनशिप सीरीज का दूसरा पड़ाव भी होगा, जो इस सीजन की शुरुआत में हुए पहले 'लिटिल अंडमान प्रो 2026' के बाद हो रहा है, जिससे घरेलू रैंकिंग में इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।

मैंगलोर में ज्यादातर लोगों की नजर उन सर्फरों के ग्रुप पर होगी, जिन्होंने पिछले कुछ सीजन से लगातार भारतीय मुकाबलों में अपना दबदबा बनाए रखा है।

रमेश बुदिहाल शीर्ष दावेदारों में से एक हैं, जो भारतीय सर्फिंग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने महाबलीपुरम में आयोजित एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए 'ओपन मेन्स' फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय होने का गौरव प्राप्त किया था और कांस्य पदक जीता था।

यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सर्फिंग के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी, जिसने उन्हें देश के अग्रणी सर्फरों में से एक के रूप में स्थापित किया।

एक अन्य सर्फर शिवराज बाबू इस चैंपियनशिप में जबरदस्त लय के साथ प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में आयोजित पहले 'लिटिल अंडमान प्रो' में 'मेन्स ओपन' का खिताब जीता था। तमिलनाडु के प्रतिस्पर्धी सर्फिंग जगत से ताल्लुक रखने वाले शिवराज अपनी सूझ-बूझ भरी 'वेव सिलेक्शन' (लहरों के चुनाव), विभिन्न परिस्थितियों में निरंतर प्रदर्शन और प्रतियोगिताओं के दौरान रणनीतिक अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।

किशोर कुमार भारत के सबसे होनहार युवा सर्फरों में से एक हैं। हाल ही में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में, उन्होंने अपनी तकनीकी कुशलता, शांत स्वभाव और अत्यधिक दबाव वाली स्थितियों में भी निरंतर प्रदर्शन के लिए पहचान बनाई है।

'इंडियन ओपन' में उनके पिछले प्रदर्शनों और हाल के सीजनों में घरेलू स्तर पर हासिल किए गए शानदार परिणामों ने देश के शीर्ष सर्फरों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। यह वर्ष उनके करियर का सबसे निर्णायक वर्ष साबित हो सकता है।

श्रीकांत डी एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं। उन्हें तकनीकी रूप से परिष्कृत शैली के लिए लगातार पहचान मिल रही है। केवल आक्रामक दांव-पेच दिखाने के बजाय, वे लय, सटीक निष्पादन और कड़े मुकाबलों के दौरान रणनीतिक सूझ-बूझ दिखाने में माहिर हैं। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उनके निरंतर प्रदर्शन ने उनकी प्रतिष्ठा को काफी बढ़ाया है।

महिलाओं की प्रतियोगिता भी काफी सुर्खियां बटोरने की उम्मीद है। कमली पी इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला सर्फिंग की एक प्रमुख हस्ती के रूप में प्रवेश कर रही हैं। तमिलनाडु के महाबलीपुरम सर्फिंग जगत से ताल्लुक रखने वाली कमली ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी उपलब्धियों ने पूरे देश में महिला सर्फिंग की दृश्यता और उसकी पहचान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लहरों पर उनके सहज नियंत्रण और तीक्ष्ण रणनीतिक कौशल के चलते, वे इस प्रतियोगिता के लिए एक मजबूत दावेदार बनी हुई हैं।

गोवा की शुगर शांति बनारसे ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने शानदार प्रदर्शन के जरिए देश की शीर्ष महिला सर्फरों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। अपनी निडर शैली और सर्फ की बदलती स्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता के लिए जानी जाने वाली शुगर ने हाल के वर्षों में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। उनकी भागीदारी से तन्निरभावी में होने वाली महिलाओं की बेहद प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता को लेकर उत्साह और बढ़ गया है।

पानी में होने वाली प्रतियोगिताओं के अलावा, 'इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग' भारत के समुद्र तटों पर इस खेल के तेजी से हो रहे विकास को प्रदर्शित करने का एक प्रमुख मंच बन गया है। हाल ही में, तमिलनाडु के सर्फरों ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जबकि कर्नाटक के सर्फर इस साल की प्रतियोगिता में अपने स्थानीय ज्ञान और तन्निरभावी की परिस्थितियों का लाभ उठाने का लक्ष्य बना रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएके