बैंकॉक, 12 मार्च (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट में थाई जहाज पर हमले के बाद थाईलैंड ने ईरान से माफी मांगने को कहा है। इस हमले में जहाज में आग लग गई थी और क्रू को जहाज छोड़ना पड़ा था। चालक दल के 23 में से 20 सदस्यों को बचा लिया गया था।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगने के लिए ईरान के राजदूत को तलब किया गया है।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में ईरानी राजदूत से मुलाकात का ब्योरा दिया। बताया, "डीपीएस (उप विदेश सचिव) सिरिलक ने ईरान के राजदूत से मुलाकात की और थाई झंडे वाले कार्गो शिप “मयूरी नारी” की घटना पर चिंता जताई, जिसे होर्मुज स्ट्रेट में नुकसान पहुंचाया गया था। थाईलैंड ने अपना कड़ा विरोध जताया और ईरानी अधिकारियों से माफीनामा जारी करने को कहा, साथ ही ये भी अनुरोध किया कि वो उस समय की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराएं। थाईलैंड ने सभी पार्टियों से संयम बरतने, डिप्लोमैटिक संवाद पर लौटने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की।"
बता दें, बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थाई जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिससे उसमें आग लग गई और जहाज को नुकसान पहुंचा। मैरीटाइम एजेंसियों और सिक्योरिटी सूत्रों के अनुसार, ओमान के पास चल रहे इस जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया था।
मयूरी नारी ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील (करीब 18 किमी) दूर था, तभी उस पर हमला हुआ था। यह कैरियर 178 मीटर लंबा और 30,000 टन वजनी था। यह भारत में कांडला जा रहा था। इसका मालिकाना हक थाई ट्रांसपोर्ट कंपनी, प्रेशियस शिपिंग के पास है।
तसनीम न्यूज एजेंसी ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हवाले से पुष्टि की कि जहाज को निशाना बनाया गया था। ईरानी अधिकारी लगातार कहते रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी होगी।
ईरान से सटे स्ट्रेटेजिक स्ट्रेट में तीन जहाज अनजान प्रोजेक्टाइल से टकराए थे। इनमें से एक थाई बल्क कैरियर में आग लग गई, जिसके बाद उसे खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
--आईएएनएस
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