नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सरकार ने रविवार को कहा कि एशिया का सबसे बड़ा नागरिक विमानन कार्यक्रम 'विंग्स इंडिया 2026' अपने बड़े स्तर, वैश्विक भागीदारी और खास रणनीतिक फोकस के चलते दुनिया के विमानन क्षेत्र के लिए एक अहम आयोजन साबित होने जा रहा है।
यह कार्यक्रम 28 से 31 जनवरी तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित किया जाएगा, जिसका औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू करेंगे। इस मौके पर भारत और विदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी और अतिथि मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में 150 से ज्यादा प्रदर्शक, 7,500 से अधिक बिजनेस विजिटर, 1 लाख आम दर्शक, 200 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि, 500 से अधिक बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस टू गवर्नमेंट (बी2जी) बैठकें होंगी। इसके साथ ही 31 से ज्यादा विमानों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। सरकार के अनुसार, यह आयोजन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के विमानन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक होगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही एक बड़े वैश्विक विमानन सम्मेलन की शुरुआत होगी, जिसमें भारत को कनेक्टिविटी, विमान निर्माण, सेवाओं, नवाचार और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों के बड़े केंद्र के रूप में दिखाया जाएगा।
'विंग्स इंडिया 2026' यह बताएगा कि कैसे भारत का विमानन क्षेत्र आर्थिक विकास, क्षेत्रीय विकास और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
पिछले 10 वर्षों में भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र में तेज और अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।
यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ी है, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े विमानन बाजारों में शामिल हो गया है। भारतीय एयरलाइंस ने सैकड़ों नए विमान अपने बेड़े में जोड़े हैं और रिकॉर्ड स्तर पर विमान ऑर्डर दिए हैं, जिससे भारत भविष्य में विमानों का सबसे बड़ा बाजार बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्रालय के अनुसार, एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेजी से विस्तार हुआ है। नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, आधुनिक टर्मिनल और उड़ान योजना जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। इसके साथ ही भारत विमान मरम्मत (एमआरओ), पायलट ट्रेनिंग, एयरोस्पेस निर्माण, कार्गो लॉजिस्टिक्स और आधुनिक एयर मोबिलिटी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सरकार ने बताया कि सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ), ग्रीन एयरपोर्ट और डिजिटल एयर नेविगेशन जैसे कदम विमानन के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं।
'विंग्स इंडिया 2026' में नीति निर्माता, बड़ी वैश्विक कंपनियों के सीईओ, निवेशक, इनोवेटर्स, एयरलाइंस, एयरपोर्ट्स, विमान निर्माता कंपनियां (ओईएम), एमआरओ कंपनियां, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, ट्रेनिंग संस्थान और स्टार्टअप्स एक साथ मंच पर आएंगे, जिससे यह दुनिया के सबसे व्यापक विमानन मंचों में से एक बन जाएगा।
इस कार्यक्रम में एयरबस, बोइंग, एम्ब्रेयर, एचएएल, दसॉल्ट, बेल टेक्सट्रॉन, एटीआर, पिलाटस, डे हैविलैंड, रोल्स-रॉयस जैसी कई बड़ी वैश्विक और भारतीय कंपनियों की भागीदारी तय हो चुकी है।
इसके अलावा एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, एतिहाद एयरवेज, थाई एयरवेज, जीएमआर, अदाणी ग्रुप और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
मंत्रालय ने बताया कि दुनिया की प्रमुख एयरलाइंस, एयरपोर्ट और विमान निर्माता कंपनियों के शीर्ष अधिकारी (सीईओ) भी इसमें शामिल होंगे, जो यह दिखाता है कि वैश्विक विमानन में भारत की अहम भूमिका लगातार बढ़ रही है।
--आईएएनएस
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