नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। देश में ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को टोयोटा मिराई फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (एफसीईवी) की सवारी की।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बयान में कहा कि जोशी ने भारत मंडपम से राष्ट्रीय राजधानी में गडकरी के आवास तक मिराई कार चलाई, जो देश में ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
बयान के अनुसार, दूसरी पीढ़ी की हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक गाड़ी (एफसीईवी) टोयोटा की 'मिराई' हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा करती है और बाय-प्रोडक्ट के रूप में केवल जल वाष्प उत्सर्जित करती है।
लगभग 650 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज और पांच मिनट से भी कम समय में ईंधन भरने की क्षमता के साथ, यह दुनिया के सबसे उन्नत और शून्य-उत्सर्जन करने वाली गाड़ियों में से एक है।
केंद्रीय मंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन की लागत कम करने के लिए राष्ट्रीय राष्ट्रीय ऊर्जा प्रबंधन (एनजीएचएम) के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन योजनाओं और विनिर्माण पहलों के बारे में भी बताया।
इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन योजना के तहत, 15 कंपनियों को कुल 3,000 मेगावाट प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है, जिसके लिए 4,440 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन दिए गए हैं। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए प्रोत्साहन योजना के तहत, 18 कंपनियों को कुल 8,62,000 टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है।
बयान में आगे कहा गया कि दो कंपनियों को रिफाइनरियों के लिए 20,000 टन प्रति वर्ष मूल्य के प्रोत्साहन दिए गए हैं। लागत कम करने के लिए अतिरिक्त उपायों में 31 दिसंबर, 2030 को या उससे पहले चालू होने वाले संयंत्रों के लिए 25 वर्षों तक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम चार्जेस से छूट शामिल है।
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