वॉशिंगटन, 21 मार्च (आईएएनएस)। ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ कथित यहूदी-विरोध मामले को लेकर केस किया है। यह दोनों पक्षों के बीच महीनों से रुकी हुई बातचीत के बाद केंद्रीय सरकार की तरफ से उठाया गया कदम है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मैसाचुसेट्स जिले के लिए संयुक्त राज्य जिला कोर्ट में सरकार की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आइवी लीग यूनिवर्सिटी पर यहूदी और इजरायली लोगों के नागरिक अधिकारों का उल्लंघन करने और यहूदियों और इजरायलियों के खिलाफ यहूदी-विरोधी और भेदभाव वाली घटनाओं के मामले में अपनी "आंखें मूंदने" का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यहूदी और इजरायली छात्रों को उनकी जाति या राष्ट्रीय मूल के आधार पर गंभीर, बड़े पैमाने पर और जानबूझकर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इसके कारण उन्हें हार्वर्ड में पढ़ाई में भाग लेने से रोका गया और उन्हें शिक्षा से मिलने वाले लाभों से भी वंचित किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि हार्वर्ड को यहूदी और इजरायली छात्रों को परेशान करने और बाहर निकालने की असल जानकारी थी और वह जानबूझकर बेपरवाह था और उसने जानबूझकर यहूदियों और इजरायलियों के साथ भेदभाव किया।
बता दें, जनवरी 2025 से, अमेरिकी सरकार ने अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों को धमकी और चेतावनी दी है कि अगर वे अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करते हैं तो उनकी फंडिंग में कटौती हो सकती है। मुख्य मांगों में कैंपस में यहूदी-विरोध को खत्म करना और कुछ अल्पसंख्यक समूहों को फायदा पहुंचाने वाली डाइवर्सिटी इनिशिएटिव्स को खत्म करना शामिल था।
हालांकि, अप्रैल 2025 में हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने अमेरिकी सरकार की इन मांगों को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार ने ऐलान किया कि वह यूनिवर्सिटी के लिए 2.2 बिलियन डॉलर के मल्टी ईयर ग्रांट्स और 60 मिलियन डॉलर के मल्टी ईयर कॉन्ट्रैक्ट फंड्स को फ्रीज कर देगी।
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में घोषणा की थी कि उनकी सरकार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1 बिलियन डॉलर का हर्जाना मांग रही है।
--आईएएनएस
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