त्रिशूर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के त्रिशूर जिले के मुंडथिक्कोडु इलाके में मंगलवार को एक पटाखा निर्माण यूनिट में भीषण विस्फोट गया। इस विस्फोट में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब शहर में आयोजित होने वाले वार्षिक हिंदू मंदिर उत्सव त्रिशूर पूरम की तैयारियां चल रही थीं।
घटनास्थल पर पहुंचे राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के समय यूनिट में करीब 40 लोग काम कर रहे थे, क्योंकि आयोजकों द्वारा कर्मचारियों के लिए दोपहर का भोजन लाया गया था।
अधिकारी ने कहा, “हमें सूचना मिली है कि सात लोग वहां से भागने में सफल रहे।”
बताया जा रहा है कि यह विस्फोट उस पटाखा इकाई में हुआ, जहां त्रिशूर पूरम के थिरुवंबाडी गुट के लिए आतिशबाजी के सैंपल तैयार किए जा रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी, जिसमें आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ। प्रारंभिक जानकारी में लगभग 40 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी, जिनमें से कम से कम आठ की हालत गंभीर बताई गई थी।
घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और प्रशासन ने त्रिशूर मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके।
विस्फोट के बाद इलाके में घना धुआं और आग फैल गई, जिससे बचाव कार्यों में भी कठिनाई आई। घटनास्थल पर मौजूद अधजले और बिना फटे विस्फोटकों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गईं।
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे धमाके की तीव्रता और वहां मौजूद विस्फोटक सामग्री के पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राज्य संचालित केआईएलए के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने तेज धमाके की आवाज सुनी और पहले उन्हें लगा कि यह भूकंप है।
एक अधिकारी ने बताया, “बाद में जब हम चाय के लिए बाहर आए, तब हमें पता चला कि यह विस्फोट था।”
यह हादसा त्रिशूर पूरम की तैयारियों के चरम के दौरान हुआ है, जब एक दिन पहले ही ध्वजारोहण के साथ उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई थी।
फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन जांच में पटाखा सामग्री के भंडारण और हैंडलिंग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विस्फोट के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है और कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
प्रशासन अब पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की तैयारी में है, क्योंकि त्रिशूर पूरम के दौरान बड़े पैमाने पर आतिशबाजी होती है, जिसके लिए सख्त निगरानी और नियमों का पालन जरूरी होता है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें अभी भी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं और हालात को काबू में लाने का प्रयास कर रही हैं।
इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अगली सूचना तक घटनास्थल के आसपास न जाएं।
जिले के वरिष्ठ अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि मेडिकल टीमें घायलों का इलाज आपात आधार पर कर रही हैं।
--आईएएनएस
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