भारत और यूएई के बीच हुए समझौते दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती देंगे: पीएम मोदी

भारत और यूएई के बीच हुए समझौते दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए समझौते दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती देंगे। खाड़ी देश की अपनी संक्षिप्त यात्रा के दौरान भारत और यूएई ने ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और निवेश से जुड़े सात बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के परिणामों को 'महत्वपूर्ण' बताया और कहा कि इससे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-यूएई साझेदारी और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, "ये महत्वपूर्ण समझौते भारत-यूएई मित्रता को और मजबूती देंगे।"

इस यात्रा के दौरान भारत और यूएई ने ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा निर्माण, एडवांस कंप्यूटिंग, समुद्री बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

इनमें सबसे अहम समझौतों में से एक इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच हुआ रणनीतिक सहयोग समझौता रहा, जिसका उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का विस्तार करना है।

यह साझेदारी भारत के एलएनजी और एलपीजी बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर भी पैदा करेगी।

दोनों देशों ने दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति के लिए भी एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य बढ़ती वैश्विक मांग और बाजार में अस्थिरता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचे पर सहमति जताई, जिसमें रक्षा निर्माण, सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नवाचार और सुरक्षित संचार प्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना गुजरात के वाडिनार में प्रस्तावित जहाज मरम्मत और समुद्री बुनियादी ढांचा क्लस्टर है। इससे 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूती मिलने और भारत के समुद्री क्षेत्र को विकसित करने में मदद मिलेगी।

भारत और यूएई ने जहाज मरम्मत क्षेत्र में कौशल विकास को लेकर भी एक समझौता किया, जिससे भारत के समुद्री कार्यबल की क्षमता बढ़ेगी और देश को जहाज निर्माण तथा मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने में सहायता मिलेगी।

तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों ने भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग और यूएई की जी42 कंपनी के सहयोग से आठ एक्सफ्लॉप सुपरकंप्यूटर क्लस्टर स्थापित करने पर सहमति जताई।

इसके अलावा, यूएई ने भारत के बुनियादी ढांचा और वित्तीय संस्थानों में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी की, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

--आईएएनएस

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