बाजार के विकास के साथ-साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी जरूरी : तुहिन कांत पांडे

बाजार के विकास के साथ-साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी जरूरी : तुहिन कांत पांडे

नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को तेजी से बढ़ते डिजिटल फाइनेंशियल लैंडस्केप में फाइनेंशियल लिटरेसी और इन्वेस्टर प्रोटेक्शन की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर प्रोटेक्शन को बढ़ावा देने के लिए, सेबी मल्टीलिंग्वल, मल्टीमीडिया कैंपेन का विस्तार करता रहेगा, जो कि सेबी वर्सेज स्कैम पहलों पर आधारित होगी। साथ ही, सेबी इन्वेस्टर को शिक्षित करने के लिए अपने नए स्टेट-लेवल ऑफिस का इस्तेमाल करेगा।

पुडुचेरी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा आयोजित एक रीजनल इन्वेस्टर अवेयरनेस सेमिनार को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि वित्तीय विकल्प रोजाना की जिंदगी के साथ इंटीग्रेट होते जा रहे हैं।

उन्होंने फाइनेंशियल लिटरेसी को सशक्तीकरण का आधार बताया और कहा, "यह व्यक्तियों को लगातार बढ़ते डिजिटल और इंटरकनेक्टेड फाइनेंशियल इकोसिस्टम को नेविगेट करते हुए उनकी मेहनत की कमाई को सेव, इन्वेस्ट और प्रोटेक्ट करने की समझ प्रदान करता है।"

सेबी के इन्वेस्टर सर्वे 2025 का हवाला देते हुए पांडे ने कहा कि केवल 36 प्रतिशत इन्वेस्टर्स को प्रतिभूति बाजारों का मध्यम या उच्च ज्ञान है, जबकि 62 प्रतिशत इन्वेस्टर्स सलाह के लिए दोस्तों, परिवार या सोशल मीडिया की मदद लेते हैं।

उन्होंने कहा, "ये निष्कर्ष इस बात पर ज़ोर देते हैं कि जागरूकता और समझ में अंतर है और बिना जानकारी के भागीदारी व्यक्ति के लिए जोखिम पैदा कर देती है। जागरूकता और कार्रवाई के बीच का अंतर और भागीदारी और समझ के बीच का अंतर इस बात पर जोर देता है कि बाजार के विकास के साथ-साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी जरूरी है।"

पांडे ने कहा कि पुडुचेरी का इंवेस्टर बेस 5.6 गुना बढ़ गया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 के 22,000 निवेशकों से बढ़कर अब लगभग 1.24 लाख हो गया है, जिसे उच्च प्रति व्यक्ति आय और 85 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की जनसंख्या फाइनेंशियल प्रोडक्ट के साथ आत्मविश्वास से जुड़ने के लिए अच्छी स्थिति में है।

--आईएएनएस

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