नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल नई स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। यह रिपोर्ट रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उससे जुड़ी कंपनियों के कथित बड़े बैंक घोटाले की जांच से जुड़ी है।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत की बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, को याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने बताया कि जांच में प्रगति होने के बावजूद मामले के कथित 'मुख्य आरोपी' को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
भूषण ने अदालत में कहा, "सीबीआई और ईडी ने रिपोर्ट दाखिल कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। अनिल अंबानी को मुख्य आरोपी बताया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।"
इस पर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि वह इस बारे में टिप्पणी नहीं कर सकते कि किसी विशेष व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था या नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा, "मैं इस बात का जवाब नहीं दे सकता कि एक्स या वाई को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। हमने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई और ईडी द्वारा अलग-अलग सीलबंद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई हैं।
रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "स्टेटस रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली गई है। अगली सुनवाई अगले हफ्ते शुक्रवार (8 मई) को होगी।"
उद्योगपति अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ से अनुरोध किया कि आगे की कार्रवाई से पहले उन्हें कम से कम 30 मिनट तक अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि अंबानी पक्ष को पूरा मौका दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा, "हम आपकी बात सुनेंगे। रिपोर्ट पर कोई फैसला लेने से पहले आपको भी सुनेंगे।"
यह मामला आरकॉम और उसकी कंपनियों से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले और लोन धोखाधड़ी से संबंधित है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शी और समयबद्ध जांच पर जोर दिया था और सीबीआई व ईडी जैसी एजेंसियों को मिलकर जांच करने का निर्देश दिया था।
इसी बीच, ईडी ने हाल ही में बताया कि उसने इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 3,034.90 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े मामलों में कुल अटैच संपत्ति 19,344 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है।
ईडी के अनुसार, आरकॉम और उसकी कंपनियों ने देश और विदेश के बैंकों से लोन लिया था, जिसमें कुल 40,185 करोड़ रुपए अभी भी बकाया है।
अलग से, सीबीआई ने पहले इस केस में आरकॉम के दो वरिष्ठ अधिकारियों — जॉइंट प्रेसिडेंट डी. विश्वनाथ और वाइस प्रेसिडेंट अनिल कालिया — को गिरफ्तार किया था।
एजेंसी का आरोप है कि जांच में फर्जी कंपनियों के माध्यम से किए गए लेन-देन के जरिए पैसे घुमाए गए, जिससे 17 सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।
--आईएएनएस
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