पेटीएम ने गूगल प्ले अलर्ट पर स्पष्टीकरण जारी किया, पेटीएम यूपीआई में कोई समस्या नहीं

पेटीएम ने गूगल प्ले अलर्ट पर स्पष्टीकरण जारी किया, पेटीएम यूपीआई में कोई समस्या नहीं

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस) वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पेटीएम ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) हैंडल में बदलावों पर गूगल प्ले की हालिया अधिसूचना अधूरी थी और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

कंपनी ने बयान में कहा कि पेटीएम पर यूपीआई भुगतान में कोई व्यवधान नहीं है और उपभोक्ता व व्यापारी दोनों के लेन-देन निर्बाध बने हुए हैं।

यह अपडेट केवल सब्सक्रिप्शन बिलिंग जैसे आवर्ती भुगतानों के लिए ही है।

पेटीएम ने बताया, "इसका मतलब है कि अगर कोई यूजर यूट्यूबप्रीमियम या गूगल वन स्टोरेज या किसी भी आवर्ती प्लेटफॉर्म के लिए पेटीएम यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रहा था, तो उसे बस अपने पुराने @पेटीएम हैंडल को अपने बैंक से जुड़े नए हैंडल, जो @पीटीएचडीएफसी, @पीटीएक्सिस, @पीटीयस या @पीटीएसबीआई से बदलना होगा।"

उदाहरण के लिए, अगर कोई यूपीआई आईडी एबीसीडी@पेटीएम थी, तो अब वह एबीसीडी@पीटीएचडीएफसी (या बैंक के अनुसार) होगी। एकमुश्त यूपीआई भुगतान प्रभावित नहीं होंगे और सामान्य रूप से जारी रहेंगे।

पेटीएम ने बताया कि यह बदलाव, थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (टीपीएपी) के रूप में काम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से मंजूरी मिलने के बाद नए यूपीआई हैंडल्स पर उसके माइग्रेशन का हिस्सा है।

आवर्ती मैंडेट्स के लिए अपडेट पूरा करने की समय सीमा 31 अगस्त, 2025 है, यही वजह है कि गूगल प्ले ने यह अलर्ट जारी किया है।

ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए, पेटीएम ने कहा कि यह एक आसान अपडेट है जो निर्बाध आवर्ती भुगतान सुनिश्चित करता है जबकि ऐप पर अन्य सभी यूपीआई लेनदेन बिना किसी बदलाव के जारी रहते हैं।

पेटीएम ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 123 करोड़ रुपए का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया, जबकि कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 1,918 करोड़ रुपए हो गया। जून में समाप्त तिमाही के लिए ईबीआईटीडीए 72 करोड़ रुपए रहा, जो लागत संरचना के प्रति पेटीएम के अनुशासित दृष्टिकोण और एम्बेडेड एआई क्षमताओं के माध्यम से विकास और दक्षता को बढ़ावा देने को दर्शाता है।

पेटीएम ने एमएसएमई और उद्यमों में नए डिवाइस सब्सक्रिप्शन को जोड़ना जारी रखते हुए भारत के मर्चेंट भुगतान परिदृश्य में अपनी अग्रणी स्थिति का विस्तार किया है।

--आईएएनएस

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