मुंबई, 12 मई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के वित्त वर्ष 2026 के पूरे मुनाफे के खत्म होने की संभावना है।
'सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026' में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट ने भारतीय तेल कंपनियों पर भारी दबाव डाला है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। अगर यही स्थिति जारी रही, तो एक तिमाही में इन कंपनियों का कुल नुकसान करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव और आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों पर दबाव और बढ़ गया है।
हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि मौजूदा कीमतों पर अगर एक तिमाही तक नुकसान जारी रहता है, तो सरकारी तेल कंपनियों का वित्त वर्ष 2026 का पूरा टैक्स के बाद का मुनाफा खत्म हो सकता है।
चर्चा के दौरान दिए गए इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां — इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मिलाकर करीब 1.2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज कर सकती हैं।
यह अनुमान पहले के बाजार अनुमान से काफी ज्यादा है। पहले माना जा रहा था कि अगर कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेगा, तो कंपनियों को हर महीने करीब 27,000 करोड़ रुपए यानी एक तिमाही में लगभग 81,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।
हालांकि अभी तक कच्चे तेल की कीमतें ज्यादातर समय 115 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रही हैं, लेकिन वास्तविक नुकसान का अनुमान पहले के आंकड़ों से ज्यादा निकल रहा है।
ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण देश में ईंधन सुरक्षा और सप्लाई को लेकर चिंता भी बढ़ी है।
इन चिंताओं पर जवाब देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि भारत के पास फिलहाल करीब 60 दिनों के लिए कच्चे तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। वहीं एलपीजी का स्टॉक करीब 45 दिनों के लिए पर्याप्त है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सप्लाई में किसी भी संभावित रुकावट से निपटने के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ा दिया है।
मंत्री ने आगे कहा कि देश में रोजाना एलपीजी उत्पादन को पहले के 35,000-36,000 टन से बढ़ाकर करीब 54,000 टन कर दिया गया है।
--आईएएनएस
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