मुंबई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक्टर नमिश तनेजा ने नवरात्रि के त्योहार के मौके पर बचपन की यादें ताजा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बचपन बिताने के दौरान वह नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए जाया करते थे। इस दौरान पूरी, हलवा और छोले खाने की खुशी तो होती ही थी, साथ ही उन्हें इस बात का भी इंतजार रहता था कि कन्या पूजन के दौरान कितने पैसे मिलेंगे।
अब नवरात्रि में वह शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल के कारण नौ दिनों के बजाय पहले और आखिरी दिन का व्रत ही रख पाते हैं।
नमिश ने नवरात्रि से जुड़ी अपनी बचपन की यादें शेयर करते हुए कहा, ''मेरे लिए नवरात्रि बचपन की यादों और उस समय की मासूमियत से जुड़ी है। मुझे आज भी याद है कि बचपन में मैं कन्या पूजन के लिए जाया करता था। पूरी, हलवा और छोले खाने की खुशी तो थी ही, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात की रहती थी कि कितने पैसे मिलेंगे। मैं लोगों को मनाने के लिए कहता था, 'मैं छोटा हूं, प्लीज मुझे भी शामिल कर लो।' वे छोटे-छोटे पल, सुंदर कपड़े पहने बच्चों को देखना और उनके हाथों में छोटे पर्स देखना आज भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ले आता है।''
नमिश तनेजा ने कहा, ''मैं बचपन से ही नवरात्रि के व्रत रख रहा हूं। पहले दिल्ली में मैं पूरे नौ दिनों का व्रत रखता था, लेकिन मुंबई आने और शूटिंग शेड्यूल की वजह से आमतौर पर पहले और आखिरी दिन का व्रत रख पाता हूं या फिर अपने काम के हिसाब से इसे मैनेज करता हूं। नवरात्रि के व्रत में मुझे सबसे ज्यादा खाना पसंद है, खासकर व्रत वाले फ्रेंच फ्राइज। आलू हमेशा से मेरे पसंदीदा रहे हैं।''
नमिश ने आगे कहा, ''नवरात्रि पर कन्याओं का स्वागत करना, उनके पैर धोना, उन्हें खाना खिलाना और उनका आशीर्वाद लेना मुझे बहुत पसंद है। मेरे लिए यह परंपरा त्योहार की खूबसूरती बढ़ा देती है। नवरात्रि का मतलब सिर्फ व्रत रखना नहीं है, बल्कि परिवार की परंपराओं को निभाना और बचपन से जुड़ी यादों को सहेजकर रखना भी है। यही छोटी-छोटी बातें हर साल इस त्योहार को मेरे लिए खास बनाती हैं।''
बता दें कि नमिश तनेजा टीवी इंडस्ट्री में जाना-पहचाना नाम हैं। वह 'एक नई पहचान', 'स्वरागिनी-जोड़े रिश्तों के सुर', 'इक्यावन', 'विद्या' और 'ऐ मेरे हमसफर' जैसे टीवी शोज में काम कर चुके हैं।
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