नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले 12 से 18 महीनों में ज्यादातर व्हाइट-कॉलर नौकरियां, यानी कंप्यूटर से किए जाने वाले ऑफिस के काम एआई द्वारा किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट एक ऐसा 'प्रोफेशनल-ग्रेड एजीआई' बना रहा है, जो वकील, अकाउंटेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के अधिकतर काम खुद कर सकेगा।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुलेमान ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट एक 'पेशेवर स्तर की एजीआई' विकसित करने की होड़ में लगा हुआ है, यानी ऐसा एआई सिस्टम जो लगभव वह सब कुछ कर सकता है जो एक प्रोफेशनल व्यक्ति कर सकता है। उन्होंने कहा कि एआई अब सिर्फ काम को तेज करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे कई नौकरियों की जरूरत भी कम हो सकती है।
रिपोर्ट में सुलेमान के हवाले से कहा गया है, "व्हाइट-कॉलर वर्क, जहां आप कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, चाहे आप वकील हों, अकाउंटेंट हों, प्रोजेक्ट मैनेजर हों या मार्केटिंग पर्सन हों, इनमें से अधिकांश कार्य अगले 12 से 18 महीनों के भीतर एआई द्वारा पूरी तरह से स्वचालित हो जाएंगे।"
सुलेमान ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य कंपनियों के काम को आसान बनाना है। इसके लिए वह ऐसे एआई सिस्टम बना रहा है जो रोज-रोज होने वाले और दोहराए जाने वाले काम खुद कर सके। इससे कंपनियों को कम कर्मचारियों में भी काम चलाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अब अपने खुद के एआई मॉडल ज्यादा बनाएगा, ताकि उसे ओपेनएआई पर कम निर्भर रहना पड़े। दोनों कंपनियों के बीच हुए नए समझौते के बाद यह फैसला लिया गया है।
सुलेमान ने कहा कि भविष्य में नया एआई मॉडल बनाना उतना ही आसान हो सकता है जितना कि आज पॉडकास्ट बनाना या ब्लॉग लिखना। यानी संस्थान और व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से खुद का एआई सिस्टम तैयार कर सकेंगे।
इस बीच, अमेरिका की टेक कंपनी ओरेकल करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है, ताकि वह अपने एआई डेटा सेंटर को बढ़ा सके। वहीं, अमेजन ने भी अपने एआई प्लान के तहत 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है।
पीडब्ल्यूसी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, एआई 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में करीब 550 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। यह फायदा कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और मैन्युफैक्चरिंग जैसे पांच बड़े क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
भारत सरकार ने 2024 में 1.2 अरब डॉलर की फंडिंग के साथ 'इंडिया एआई मिशन' शुरू किया था, जिसका उद्देश्य कंप्यूटिंग संसाधनों, डेटा और एआई से जुड़ी ट्रेनिंग को आम लोगों और संस्थानों तक पहुंचाना है।
--आईएएनएस
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