मध्य पूर्व में संघर्ष का असर! एलएंडटी का मार्केटकैप 45,629 करोड़ रुपए कम हुआ

मध्य पूर्व में संघर्ष का असर! एलएंडटी का मार्केटकैप 45,629 करोड़ रुपए कम हुआ

मुंबई, 8 मार्च (आईएएनएस)। मध्यपूर्व में संघर्ष का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। देश की दिग्गज कंपनियों में से एक लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 45,629.03 करोड़ रुपए कम होकर 5,43,208.36 करोड़ रुपए हो गया है।

एलएंडडी के मार्केटकैप में कमी की वजह कंपनी का मध्यपूर्व में काफी एक्सपोजर होना है। जानकारों के मुताबिक, मध्यपूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ने से इस इलाके में चल रहे कंपनी के प्रोजेक्ट्स पर असर हो सकता है।

एलएंडटी के समेत देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से आठ के मार्केटकैप इस हफ्ते करीब 2,81,581.53 करोड़ रुपए कम हो गया है।

इन कंपनियों में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, टीसीएस और एचयूएल जैसी कंपनियों का नाम शामिल हैं।

समीक्षा अवधि में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 53,952.96 करोड़ रुपए कम होकर 10,55,567.27 करोड़ रुपए हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 46,936.82 करोड़ रुपए कम होकर 9,40,049.82 करोड़ रुपए हो गया है।

एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 46,552.3 करोड़ रुपए कम होकर 13,19,107.08 करोड़ रुपए हो गया है।

इसके अलावा, बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 28,934.56 करोड़ रुपए कम होकर 5,91,136.03 करोड़ रुपए और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केटकैप 28,492.44 करोड़ रुपए कम होकर 9,25,380.15 करोड़ रुपए हो गया है।

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का मार्केटकैप 26,350.67 करोड़ रुपए कम होकर 5,23,042.51 करोड़ रुपए हो गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 4,732.75 करोड़ रुपए कम होकर 10,67,120.50 करोड़ रुपए हो गया है।

दूसरी तरफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के मार्केटकैप में उछाल देखने को मिला है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 14,750.39 करोड़ रुपए बढ़कर 19,01,583.05 करोड़ रुपए हो गया है। इन्फोसिस का मार्केटकैप 3,459.99 करोड़ रुपए बढ़कर 5,30,546.54 करोड़ रुपए हो गया है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते बाजारों ने छुट्टी के कारण छोटे सप्ताह का समापन भारी नुकसान के साथ किया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

--आईएएनएस

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