नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति के बीच बुधवार को भारत में बिजली की मांग लगातार तीसरे दिन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। बढ़ती गर्मी के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में तेज बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सौर ऊर्जा उत्पादन के दौरान अधिकतम बिजली मांग दोपहर 3:45 बजे 265.44 गीगावाट तक पहुंच गई और इस पूरी मांग को बिना किसी बिजली कमी के पूरा किया गया। यह आंकड़ा सोमवार को दर्ज 260.45 गीगावाट के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है, जो दोपहर 3:40 बजे दर्ज किया गया था। इससे पहले 18 मई को देश में 257.37 गीगावाट की अधिकतम मांग दर्ज की गई थी।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि गैर-सौर ऊर्जा की चरम मांग 18 मई को रात 10:29 बजे रिकॉर्ड 247.21 गीगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती खपत के बावजूद देश में बिजली आपूर्ति की स्थिति स्थिर बनी हुई है और गर्मियों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन क्षमता और ईंधन भंडार उपलब्ध है। विद्युत मंत्रालय ने कहा कि मौसमी बिजली मांग में वृद्धि से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्थाएं लागू हैं।
इसी बीच, कोयला मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल तापीय विद्युत संयंत्रों (थर्मल पावर प्लांट) के पास 5.09 करोड़ टन कोयले का भंडार मौजूद है। इसके अलावा, कोल इंडिया लिमिटेड की खदानों में करीब 12.3 करोड़ टन कोयला उपलब्ध है, जबकि कंपनी की अपनी खदानों में अतिरिक्त 1.6 करोड़ टन कोयला मौजूद है। मंत्रालय ने कहा कि रेलवे के सहयोग से कोयले की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
बिजली मांग में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान बने रहने का अनुमान जताया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोगों से लू की चेतावनियों को लेकर सतर्क रहने की अपील की और गर्मी के मौसम में जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मई के दौरान दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के आसपास के इलाके, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है और इन क्षेत्रों में सामान्य से दो से चार दिन ज्यादा हीटवेव देखने को मिल सकती है।
आईएमडी ने आगे बताया कि मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत के साथ-साथ पूर्वी तट के कुछ हिस्सों में तापमान काफी अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी रुक-रुक कर होने वाली बारिश और गरज-चमक के कारण कुछ क्षेत्रों में महीने के दौरान तापमान सामान्य या उससे नीचे भी रह सकता है।
--आईएएनएस
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