चालू वित्त वर्ष 2027 के 5 महीनों में 7.10 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा भारत का राजकोषीय घाटा, वार्षिक लक्ष्य का 41.9 प्रतिशत पूरा: सरकारी आंकड़े

चालू वित्त वर्ष 2027 के 5 महीनों में 7.10 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा भारत का राजकोषीय घाटा, वार्षिक लक्ष्य का 41.9 प्रतिशत पूरा: सरकारी आंकड़े

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा (फिसकल डिफिसिट) 7.10 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वित्त वर्ष के लिए निर्धारित बजट अनुमान (बीई) का 41.9 प्रतिशत है। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, यह स्तर पिछले वर्ष की समान अवधि में वार्षिक लक्ष्य के 38.1 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 16.96 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा निर्धारित किया है। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत पर रखा था।

आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान केंद्र सरकार को कुल 13,67,709 करोड़ रुपए की प्राप्तियां हुईं, जो पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 37.5 प्रतिशत है। इसमें 8,37,921 करोड़ रुपए का शुद्ध कर राजस्व, 4,54,549 करोड़ रुपए का गैर-कर राजस्व और 75,239 करोड़ रुपए की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।

इसी अवधि में केंद्र सरकार ने राज्यों को करों में उनके हिस्से के रूप में 5,90,391 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए। हालांकि यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 60,243 करोड़ रुपए कम रही।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि व्यय के मोर्चे पर, अप्रैल-अगस्त के दौरान केंद्र सरकार का कुल खर्च 20,77,958 करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 38.9 प्रतिशत है। इसमें 15,68,009 करोड़ रुपए राजस्व व्यय और 5,09,949 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय के रूप में खर्च किए गए।

राजस्व व्यय में सबसे बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान का रहा, जिस पर 5,14,810 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसके अलावा प्रमुख सब्सिडियों पर 1,87,037 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

सरकारी आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि शुद्ध कर राजस्व पूरे वर्ष के अनुमान का 29.2 प्रतिशत हासिल कर चुका है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 28.6 प्रतिशत था। इससे कर संग्रह में सुधार के संकेत मिलते हैं।

वहीं गैर-कर राजस्व वार्षिक लक्ष्य के 68.2 प्रतिशत तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 75.5 प्रतिशत से कम है। इसके बावजूद सरकार की कुल प्राप्तियां मजबूत बनी हुई हैं।

इस बीच, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेने की योजना की भी घोषणा की है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस उधारी कार्यक्रम में 15,000 करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल होंगे। यह उधारी 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी।

--आईएएनएस

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