नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नौकरी की पोस्टिंग 2019 के मुकाबले लगभग छह गुना बढ़ गई है। बुधवार को जारी स्ट्रैटेजी कंसल्टिंग फर्म रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत तेजी से वैश्विक एआई टैलेंट और एआई कार्यान्वयन केंद्र के रूप में उभर रहा है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई-आधारित भर्ती में तेजी आने से भारत के ऑफिस बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आने वाले वर्षों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग में भी मजबूत बढ़ोतरी होने की संभावना है।
'एआई एंड द फ्यूचर ऑफ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेसेस' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 से 2030 के बीच भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में लगभग 7.9 करोड़ वर्ग फुट अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। यह मांग एआई से पहले अनुमानित वृद्धि से भी ज्यादा होगी।
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एसोसिएट पार्टनर छवि सिंह ने कहा, "अब तक एआई को लेकर चर्चा मुख्य रूप से रोजगार पर पड़ने वाले असर तक सीमित थी, लेकिन जमीन पर हम ऑफिस स्पेस के उपयोग के तरीके में बड़ा संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "एआई-आधारित टीमें अब ज्यादा विशेषज्ञता वाली, सहयोग आधारित और तेजी से बदलने वाली हो गई हैं। इससे 'कोर प्लस फ्लेक्स' वर्कप्लेस मॉडल की मांग बढ़ रही है, जहां कंपनियां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों के अनुभव से समझौता किए बिना लचीलापन चाहती हैं।"
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 तक एआई से जुड़ी जॉब पोस्टिंग 2.9 लाख के पार पहुंच गई हैं। इसकी मुख्य वजह मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और एमएल ऑप्स जैसे क्षेत्रों में प्रतिभाओं की बढ़ती मांग है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई टैलेंट कंसंट्रेशन ग्रोथ के मामले में भारत अब दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके पीछे वैश्विक स्तर पर एआई में बढ़ता निवेश है, जो लगभग 582 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत ने पहले भी तकनीकी बदलावों को रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों में बदला है।
भारत का ऑफिस स्पेस 2025 तक बढ़कर लगभग 91.5 करोड़ वर्ग फुट हो गया है, जबकि कुल रोजगार संख्या करीब 33 करोड़ कामगारों तक पहुंच चुकी है।
अध्ययन में भारत के फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर में तेज विस्तार का भी जिक्र किया गया है। 2020 में जहां इसका आकार लगभग 3.3 करोड़ वर्ग फुट था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 10.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है।
सर्वे में शामिल लगभग 82 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे अगले दो वर्षों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले एआई-आधारित भर्ती से 2030 तक फ्लेक्स सीट लीजिंग की कुल मांग में लगभग 31 प्रतिशत योगदान होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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