भारत में 300 करोड़ घरेलू यात्राएं पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक संकटों से बचाती हैं: मंत्री

भारत में 300 करोड़ घरेलू यात्राएं पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक संकटों से बचाती हैं: मंत्री

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पिछले एक वर्ष में भारत में लगभग 300 करोड़ घरेलू यात्राएं दर्ज की गईं, जो देश के पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती मजबूती और वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना करने की क्षमता को दर्शाती हैं।

शेखावत ने हाल ही में आयोजित एनडीटीवी इग्नाइट समिट में कहा कि भारत में घरेलू यात्रा में तेज़ी से वृद्धि हुई है। इस आंकड़े में घूमने-फिरने, सामाजिक कार्यक्रमों, शादियों, चिकित्सा यात्रा और अन्य उद्देश्यों से की गई सभी तरह की यात्राएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "भारत में घरेलू यात्रा करने वाले लोगों की संख्या...इसमें पर्यटन, सामाजिक कार्यक्रम, शादी या चिकित्सा यात्रा शामिल हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति बाहर जाता है, होटल में ठहरता है और वापस लौटता है, तो उसे एक यात्रा माना जाता है। ऐसी यात्राओं की संख्या 300 करोड़ है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंकड़े में हाल ही में आयोजित कुंभ मेले से जुड़ी यात्राएं शामिल नहीं हैं, जहां लगभग 66 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया था।

घरेलू बाजार के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का पर्यटन उद्योग भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक व्यवधानों से अपेक्षाकृत सुरक्षित है, क्योंकि देश के पास बहुत बड़ा घरेलू पर्यटन आधार मौजूद है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं।

हालांकि, उनके अनुसार भारत में घरेलू पर्यटन की मजबूत मांग बाहरी झटकों के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करती है।

उन्होंने कहा, "भारत उन सौभाग्यशाली देशों में से एक है, जहां घरेलू यात्रा और पर्यटन की ताकत इतनी अधिक है कि इसका हमारे उद्योग पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।"

मंत्री ने यह भी कहा कि किसी पर्यटन बाजार की ताकत का आकलन केवल आने वाले पर्यटकों की संख्या से नहीं किया जाना चाहिए।

थाईलैंड और दुबई जैसे पर्यटन स्थलों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटक यहां कहीं अधिक समय तक ठहरते हैं।

शेखावत के अनुसार, भारत आने वाले विदेशी पर्यटक औसतन कम से कम 10 दिन तक देश में रहते हैं, जिससे अपेक्षाकृत कम संख्या होने के बावजूद बड़ी आर्थिक गतिविधियां पैदा होती हैं।

उन्होंने कहा, "भारत में लगभग 2 करोड़ विदेशी पर्यटक आते हैं, लेकिन वे औसतन 10 दिन रुकते हैं, जिससे करीब 20 करोड़ पर्यटक-रात्रियों का सृजन होता है।"

इस बीच, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की सभ्यतागत विरासत को नई पहचान मिली है और भारतीयों के इतिहास को देखने का नजरिया बदला है।

सान्याल ने कहा कि पहले भारतीय इतिहास को मुख्य रूप से आक्रमणों और विजयों के दृष्टिकोण से देखते थे और अक्सर देश की अपनी उपलब्धियों और योगदानों को नजरअंदाज कर देते थे।

उनके अनुसार, अब भारत की पहचान खोजकर्ताओं, साहसी यात्रियों और नवाचारकर्ताओं के देश के रूप में तेजी से उभर रही है और इस बदलाव का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दिया।

--आईएएनएस

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