नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय चावल निर्यातकों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने फिलीपींस का दौरा करेगा। फिलीपींस ने भारत से खाद्यान्न आयात नियमों में ढील दी है। इसका मकसद भारत से निर्यात को बढ़ावा देना है।
फिलीपींस बासमती चावल के आयात पर प्रतिबंध हटाने पर सहमत हो गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम से भारत से उच्च गुणवत्ता वाले चावल के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने और भारतीय किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कृषि सचिव फ्रांसिस्को पी. तियु लॉरेल जूनियर के नेतृत्व में फिलीपींस का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने की शुरुआत में भारत आया था। उन्होंने भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) और भारतीय चावल निर्यातक संघ के अधिकारियों से मुलाकात की।
इस मुलाकात में, फ़िलीपींस ने भारत से कई ज़रूरी खाद्य पदार्थों का आयात बढ़ाने पर सहमति जताई। इनमें चावल, भैंस का मांस, सब्ज़ियां, फल और मूंगफली सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इस फैसले से फ़िलीपींस को अपनी खाद्य आपूर्ति को अलग-अलग देशों से पूरा करने में मदद मिलेगी, खासकर जब दुनिया में व्यापार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इन बैठकों में यह भी तय हुआ कि भारत से बासमती चावल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे।
यह समझौता भारत-फिलीपींस संबंधों में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है और दोनों देशों की कृषि, व्यापार और आर्थिक विकास में मिलकर काम करने की इच्छा को दर्शाता है। भू-राजनीतिक बदलावों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अनिश्चितता के दौर से गुजरते हुए, ऐसी साझेदारियां और महत्वपूर्ण होती जा रही हैं।
फिलीपींस का लक्ष्य चीनी उत्पादों पर निर्भरता कम करना, खाद्य सुरक्षा बढ़ाना और भारत-फिलीपींस के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। यह समझौता दोनों देशों के बीच "बेहतर खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विस्तार और विविध व्यापार" में योगदान देगा।
भारत ने 2024 में फिलीपींस को 413 मिलियन डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात किया, जो फिलीपींस के कुल कृषि आयात का मात्र 2 प्रतिशत है।
द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के प्रयासों के तहत, फिलीपींस के खाद्य आयातकों का एक प्रतिनिधिमंडल 25-28 सितंबर तक भारत के सबसे बड़े खाद्य व्यापार मेले 'वर्ल्ड फ़ूड इंडिया' और 30-31 अक्टूबर को होने वाले अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में भी भाग लेगा।
--आईएएनएस
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