जून तक हर गांव में 4जी नेटवर्क के पहुंचने की उम्मीद: ज्योतिरादित्य सिंधिया

जून तक हर गांव में 4जी नेटवर्क के पहुंचने की उम्मीद: ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता मोबाइल डाटा उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा किया जा रहा है। यह सब मजबूत डिजिटल ढांचे की वजह से संभव हो पाया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में इस समय 120 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं और इस साल जून तक हर गांव में 4जी नेटवर्क के पहुंचने की उम्मीद है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "दुनिया में सबसे सस्ता डाटा और सबसे ज्यादा डाटा उपयोग भारत की डिजिटल क्रांति को दिखाता है। यह क्रांति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।"

सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने अब तक 97,068 4जी टावर लगाए हैं, जिनमें से 93,511 टावर अक्टूबर 2025 के अंत तक चालू हो चुके हैं। आने वाले कुछ महीनों में बीएसएनएल अपने सभी 4जी टावरों को 5जी में बदलने की तैयारी कर रही है।

इस बीच, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। फिलहाल देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी नेटवर्क उपलब्ध है। अक्टूबर 2025 तक देश के गांवों और शहरों में 5.08 लाख 5जी बेस ट्रांससीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए जा चुके हैं।

पूरे देश में अब तक 31 लाख से ज्यादा बेस ट्रांससीवर स्टेशन लगाए गए हैं। कॉल ड्रॉप की समस्या कम करने और कमजोर इलाकों में इंटरनेट सुविधा बेहतर करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।

इन योजनाओं में भारतनेट परियोजना शामिल है, जिसके तहत ग्राम पंचायतों और गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों और आकांक्षी जिलों में मोबाइल सेवाएं देने की योजना भी चलाई जा रही है।

सरकार ने सभी बिना नेटवर्क वाले गांवों तक 4जी सेवा पहुंचाने के लिए 4जी सैचुरेशन योजना भी शुरू की है। साथ ही गतिशक्ति संचार पोर्टल और राइट ऑफ वे नियमों को लागू किया गया है, ताकि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो सके।

देश में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार निजी कंपनियों के साथ-साथ सरकारी कंपनियों द्वारा भी किया जा रहा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि नई तकनीकों को आगे बढ़ाने के लिए स्पेक्ट्रम, उपकरण, ऐप्स और टिकाऊ विकास से जुड़े सभी क्षेत्रों का आपस में सही तालमेल होना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की 6जी रणनीति में स्पेक्ट्रम नीति सबसे अहम भूमिका निभाएगी। भारत पहले ही कई बार स्पेक्ट्रम में बदलाव कर चुका है और आने वाले समय में और भी बड़े कदम उठाए जाएंगे।

--आईएएनएस

डीबीपी/वीसी