नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के अनुसार, भारत अब दुनिया के प्रमुख मत्स्य पालन और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) देशों में शामिल हो गया है। मजबूत सरकारी नीतियों, बेहतर प्रोसेसिंग क्षमता और मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था के कारण पिछले 10 वर्षों में भारत के सीफूड निर्यात का मूल्य दोगुना हो गया है।
मंत्री ने बताया कि भारत राष्ट्रीय ट्रेसबिलिटी फ्रेमवर्क (2025), विशेष आर्थिक क्षेत्र नियम (2025) और अपडेटेड हाई सी फिशिंग गाइडलाइंस (2025) के माध्यम से नियमों के पालन और पारदर्शिता को और मजबूत कर रहा है। इसका उद्देश्य टिकाऊ और निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा देना है, खासकर अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह में।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में आधुनिक एक्वाकल्चर और मैरीकल्चर तकनीक, प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, मछली पकड़ने वाले जहाजों की डिजाइन, डिजिटल निगरानी, संयुक्त अनुसंधान, तकनीक हस्तांतरण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन, व्यापार विस्तार और निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए कई सहयोग के अवसर मौजूद हैं।
मंत्री यह बात एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कह रहे थे, जिसमें 40 देशों के राजनयिकों ने भाग लिया। इनमें राजदूत, उच्चायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इस कार्यक्रम में भारत और अन्य देशों के बीच मत्स्य पालन और सीफूड क्षेत्र में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को रेखांकित किया गया।
सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और महासागर का स्वास्थ्य, टिकाऊ विकास, जिम्मेदार मत्स्य पालन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, हरित नवाचार, क्षमता निर्माण, आपूर्ति शृंखला का विकास और सजावटी मछली पालन तथा समुद्री शैवाल की खेती जैसे नए क्षेत्रों को सहयोग के प्रमुख स्तंभ बताया गया।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि सीफूड पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाता है, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करता है और देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी वैल्यू-चेन पर आधारित रणनीति अपना रहा है, ताकि इस क्षेत्र का टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जा सके।
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भारत में एक्वाकल्चर के तेज विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य सीफूड निर्यात को 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का है।
कुरियन ने कहा कि पिछले सात महीनों में निर्यात मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस क्षेत्र की मजबूत प्रगति को दर्शाती है।
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