नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सोमवार को नई दिल्ली में मीटिंग के दौरान विकास साझेदारी, कैपेसिटी बिल्डिंग, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्लू इकॉनमी, नवीकरणीय ऊर्जा, मैरीटाइम सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने ‘मजबूत संपर्कों के माध्यम से सतत विकास, आर्थिक वृद्धि और सुरक्षा के लिए साझा दृष्टिकोण’ (एसईएसईएल) को भी औपचारिक रूप से स्वीकार किया।
हैदराबाद हाउस में समझौते पर हस्ताक्षर के बाद विदेश मंत्रालय ने एक्स पर कहा, "एक मजबूत भारत-सेशेल्स साझेदारी की ओर। पीएम नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बातचीत की। दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने डेवलपमेंट पार्टनरशिप, कैपेसिटी बिल्डिंग, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्लू इकॉनमी, रिन्यूएबल एनर्जी, मैरीटाइम सिक्योरिटी और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग पर चर्चा की।"
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी, "पीएम मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने बेहतर लिंकेज (एसईएसईएल) के जरिए स्थिरता, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त दृष्टिकोण अपनाया। भारत ने सेशेल्स के विकास की जरूरतों, खासकर पब्लिक हाउसिंग, मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेसिटी बिल्डिंग और मैरीटाइम सिक्योरिटी के फील्ड में मदद के लिए एक स्पेशल आर्थिक पैकेज की घोषणा की। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य, डिजिटल, मौसम विज्ञान, संस्कृति, समुद्री विज्ञान, खाद्य और गवर्नेंस के फील्ड में कई एमओयू का भी आदान-प्रदान किया।"
दोनों नेताओं ने इंस्टीट्यूशनल लिंकेज के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ट्रेनिंग प्रोग्राम और एक्सचेंज विजिट लागू करने पर सहमति जताई है। सेशेल्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से मेडिकल स्पेशलिस्ट, नर्स, पैरामेडिक्स और टेक्नीशियन की भर्ती और डेप्युटेशन में मदद की जाएगी। दौरा और इंस्टीट्यूशनल लिंकेज के जरिए पब्लिक हेल्थ में आपसी सहयोग को मजबूत करेंगे। सेशेल्स में एक नए हॉस्पिटल के कंस्ट्रक्शन में मदद के लिए मिलकर काम करेंगे।
इसके अलावा, शिक्षा और व्यावसायिक ट्रेनिंग पर, नेताओं ने स्किल डेवलपमेंट की कोशिशों को बढ़ाने और एकेडमिक इंस्टीट्यूशन और डिजिटल एजुकेशन प्लेटफॉर्म के बीच बातचीत पर जोर दिया।
दोनों देशों के बीच लोगों पर केंद्रित विकास साझेदारी को बढ़ाने और तेज करने के लिए मिलकर काम करने के अपने वादे को दोहराते हुए भारत ने 175 मिलियन डॉलर के ‘स्पेशल आर्थिक पैकेज’ की घोषणा की, जिसमें रुपए में 125 मिलियन डॉलर की मिली-जुली वित्तीय सहायता और विकास सहयोग प्रोजेक्ट्स, आम लोगों और रक्षा अधिकारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग, समुद्री सुरक्षा वगैरह के लिए 50 मिलियन डॉलर की ग्रांट मदद शामिल होगी।
मीटिंग के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और दूसरे शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।
--आईएएनएस
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