देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक का चौथी तिमाही में मुनाफा 8 प्रतिशत बढ़कर 20,350 करोड़ रुपए हुआ

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक का चौथी तिमाही में मुनाफा 8 प्रतिशत बढ़कर 20,350 करोड़ रुपए हुआ

मुंबई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही, यानी जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 8.04 फीसदी बढ़कर 20,350.76 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18,834.88 करोड़ रुपए रहा था।

तिमाही के दौरान बैंक की ब्याज आय (इंटरेस्ट इनकम) 87,182.50 करोड़ रुपए रही, जो पिछले क्वार्टर और साल-दर-साल आधार पर मामूली बढ़त दिखाती है।

स्टैंडअलोन आधार पर बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) 3.2 फीसदी बढ़कर 33,082 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 32,006 करोड़ रुपए थी।

मार्च तिमाही में बैंक की कुल आय 1.16 लाख करोड़ रुपए रही। हालांकि यह पिछली तिमाही के 1.26 लाख करोड़ रुपए से कम है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसमें बढ़त दर्ज की गई है।

इस तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी रेवेन्यू भी बढ़कर 31,111.68 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछली तिमाही यानी तीसरी तिमाही के 30,581.81 करोड़ रुपए और पिछले साल के इसी तिमाही के 29,378.75 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

हालांकि, इस दौरान बैंक के खर्च भी बढ़े हैं और यह 40,587.82 करोड़ रुपए तक पहुंच गए, जो एक साल पहले 39,300.40 करोड़ रुपए थे। बढ़ते खर्च से मार्जिन पर कुछ दबाव देखने को मिला है।

बैंक के बिजनेस ग्रोथ की बात करें तो मार्च 2026 तक ग्रॉस एडवांसेज बढ़कर 29,60,000 करोड़ रुपए हो गए, जो दिसंबर तिमाही में 28,44,600 करोड़ रुपए थे।

खुदरा ऋणों (रिटेल लोन) का दबदबा बरकरार रहा और ये बढ़कर 16,14,900 करोड़ रुपए हो गए। इसमें होम लोन (8,88,700 करोड़ रुपए) और पर्सनल लोन (2,17,800 करोड़ रुपए) का बड़ा योगदान रहा।

इसके अलावा, ऑटो लोन 1,57,500 करोड़ रुपए और गोल्ड लोन 23,700 करोड़ रुपए तक पहुंच गए।

छोटे और मिड-मार्केट सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली, जहां लोन बढ़कर 6,31,600 करोड़ रुपए हो गए। वहीं कॉरपोरेट और होलसेल लोन 8,10,800 करोड़ रुपए हो गए।

बैंक का कुल एडवांस अंडर मैनेजमेंट 30,57,300 करोड़ रुपए रहा, जो लोन बुक के लगातार विस्तार को दिखाता है।

इस बीच, बैंक अपने पूर्व अंशकालिक चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा में रहा।

अपने इस्तीफे पत्र में चक्रवर्ती ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रम उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी खास घटना या गड़बड़ी की ओर इशारा नहीं किया है। खुद अतानु चक्रवर्ती ने भी कहा कि उनका इस्तीफा किसी गलत काम से जुड़ा नहीं है, बल्कि विचारधाराओं और दृष्टिकोण में मतभेद की वजह से लिया गया फैसला है।

शेयर बाजार में शुक्रवार को बैंक का शेयर 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 800 रुपए पर बंद हुआ।

--आईएएनएस

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