मार्जिन दबाव से जीएम ब्रुअरीज के शेयरों में बड़ी गिरावट, तिमाही नतीजों के बाद 7 प्रतिशत तक फिसला स्टॉक

मार्जिन दबाव से जीएम ब्रुअरीज के शेयरों में बड़ी गिरावट, तिमाही नतीजों के बाद 7 प्रतिशत तक फिसला स्टॉक

मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। शराब बनाने वाली कंपनी जीएम ब्रुअरीज लिमिटेड के शेयर गुरुवार के सत्र में वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (क्यू2) के नतीजों के बाद दबाव में आ गए। कंपनी ने राजस्व और मुनाफे में वृद्धि दर्ज की, लेकिन परिचालन मार्जिन में गिरावट से निवेशक निराश दिखे और शेयर में तेज बिकवाली देखने को मिली।

बीएसई पर कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर पहले करीब 2 प्रतिशत तक मजबूत हुए थे, लेकिन बाद में रुख पलट गया और शेयर 6.61 प्रतिशत टूटकर 921 रुपए के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गए।

सितंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.3 प्रतिशत बढ़कर 39.3 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 35 करोड़ रुपए था।

कंपनी का परिचालन राजस्व (रेवेन्यू) भी 18.2 प्रतिशत बढ़कर 214 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 181 करोड़ रुपए था।

परिचालन स्तर पर भी कंपनी ने सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की। ईबीआईटीडीए 12 प्रतिशत बढ़कर 50.3 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 45 करोड़ रुपए था।

हालांकि, निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण ईबीआईटीडीए मार्जिन रहा। कंपनी का मार्जिन 25 प्रतिशत से घटकर 23.5 प्रतिशत रह गया। यानी इसमें 250 बेसिस प्वाइंट से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यही कमजोरी बेहतर राजस्व और मुनाफे पर भारी पड़ती दिखाई दी।

जीएम ब्रुअरीज देशी शराब बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी संतरा, जीएम डॉक्टर और जीएम लिम्बू पंच जैसे लोकप्रिय ब्रांडों का उत्पादन करती है।

तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी प्रदर्शन सकारात्मक रहा। कंपनी का मुनाफा जून तिमाही के 38 करोड़ रुपए से बढ़कर 39.3 करोड़ रुपए हो गया, जबकि राजस्व 200 करोड़ रुपए से बढ़कर 214 करोड़ रुपए पहुंच गया।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने 46 प्रतिशत की लाभ वृद्धि और 23 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की थी, जिससे निवेशकों की उम्मीदें काफी ऊंची थीं।

हालिया गिरावट ने शेयर पर पहले से बने दबाव को और बढ़ा दिया है। गुरुवार के कारोबार से पहले ही जीएम ब्रुअरीज के शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 1,328.80 रुपए से लगभग 25 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक यह स्टॉक करीब 22 प्रतिशत कमजोर हो चुका है।

--आईएएनएस

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