नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। दूरसंचार विभाग ने चक्रवात दित्वा के खतरे को देखते हुए दूरसंचार कनेक्टिविटी की सुरक्षा, सेवा प्रदाताओं के साथ तालमेल और जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह जानकारी संचार मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा,"दूरसंचार विभाग ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात दित्वा के मद्देनजर दूरसंचार नेटवर्क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी की हैं। इस चक्रवात से तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु पर असर पड़ने की आशंका है।"
बयान में आगे कहा, "सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को निर्बाध नेटवर्क संचालन, पर्याप्त ईंधन भंडार, आपातकालीन बिजली बैकअप की तैयारी और संवेदनशील जिलों में फील्ड रिस्पांस टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।"
मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी-2020) के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने निर्बाध संचार बनाए रखने और आपात स्थितियों में पूर्व चेतावनी देने के लिए सभी नेटवर्कों पर इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) और सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) परीक्षण पूरा कर लिया है।
सरकार के मुताबिक, चक्रवात दित्वा के मद्देनजर दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार नेटवर्क की सुदृढ़ता सुनिश्चित की है। चक्रवात के दौरान और उसके बाद निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग अपने नियंत्रण कक्ष और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से नियमित अपडेट के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
चक्रवात दित्वा के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है क्योंकि चक्रवात दित्वा देश के पूर्वी तट पर मौसम की स्थिति को प्रभावित करना जारी रखे हुए हैं।
तमिलनाडु में चक्रवात दित्वा के कारण हुई बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई है। डेल्टाई जिलों में 149 मवेशी मारे गए और 57,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
--आईएएनएस
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