नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला टाल दिया। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में अदालत 11 जून को अपना फैसला सुनाएगी।
इस मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी कटघरे में हैं। अदालत को गुरुवार को फैसला सुनाना था, लेकिन अब सुनवाई की तारीख 11 जून तय की गई है।
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। 26 फरवरी 2020 को उनका शव खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी एक गैरकानूनी भीड़ और साजिश का हिस्सा थे, जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की। अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर 26 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी को अंकित शर्मा घर का सामान खरीदने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि चांद बाग इलाके से एक युवक को नाले में फेंका गया है। इसके बाद नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद हुआ।
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ दंगा, घातक हथियार के साथ दंगा, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। ताहिर हुसैन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अतिरिक्त धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया था। वहीं, इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
अब पूरे मामले पर सभी की नजरें 11 जून पर टिकी हैं, जब अदालत इस बहुचर्चित हत्याकांड में अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
--आईएएनएस
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