एकमुश्त 5,680 करोड़ रुपए के घाटे से बैंक ऑफ बड़ौदा का पहली तिमाही का मुनाफा 72 प्रतिशत लुढ़का, एनआईआई में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

एकमुश्त 5,680 करोड़ रुपए के घाटे से बैंक ऑफ बड़ौदा का पहली तिमाही का मुनाफा 72 प्रतिशत लुढ़का, एनआईआई में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 71.9 प्रतिशत घटकर 1,278 करोड़ रुपए रह गया। बैंक ने बताया कि तिमाही के दौरान 5,680 करोड़ रुपए के एकमुश्त घाटे (वन-टाइम लॉस) का असर उसके मुनाफे पर पड़ा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) और ब्याज आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 1,278 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,541 करोड़ रुपए था। मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान दर्ज किया गया एकमुश्त घाटा रहा।

इसके बावजूद बैंक का मुख्य परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा। पहली तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत बढ़कर 12,525 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 11,435 करोड़ रुपए थी। बैंक ने बताया कि कर्ज वितरण में लगातार बढ़ोतरी से एनआईआई को मजबूती मिली।

बैंक की ब्याज आय भी सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत बढ़कर 33,211 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 31,091 करोड़ रुपए थी।

तिमाही के दौरान प्रोविजन और टैक्स से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8,127 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 8,236 करोड़ रुपए की तुलना में मामूली कम है।

हालांकि, बैंक की एसेट क्वालिटी में तिमाही आधार पर हल्की कमजोरी देखने को मिली। जून के अंत तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) बढ़कर 1.99 प्रतिशत हो गया, जो मार्च के अंत में 1.89 प्रतिशत था। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनएनपीए) भी 0.45 प्रतिशत से बढ़कर 0.50 प्रतिशत हो गया।

बैंक ने बताया कि एकमुश्त घाटे के बावजूद प्रोविजन में उल्लेखनीय कमी आई है। पहली तिमाही में कुल प्रोविजन घटकर 643 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 3,150 करोड़ रुपए और एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 1,967 करोड़ रुपए था।

बैंक के अनुसार, प्रोविजन में कमी से यह संकेत मिलता है कि उसकी क्रेडिट कॉस्ट में सुधार हुआ है, हालांकि तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

--आईएएनएस

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